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​PM Modi Birthday: 1 साल में इकोनॉमी में आए इतने बदलाव, GDP से हाईवे तक ऐसे बदली भारत की तस्वीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं. मोदी के जन्मदिन के मौके पर देश की अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक साल में कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं. भारत की इकोनॉमी के 5 बड़े इंजन कहे जाने वाले GDP, हाईवे, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि कैसे तस्वीर बदल रही है?

​PM Modi Birthday: 1 साल में इकोनॉमी में आए इतने बदलाव, GDP से हाईवे तक ऐसे बदली भारत की तस्वीर

GDP की रफ्तार ने बढ़ाया भरोसा

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा आंकड़ा GDP का है. वित्त वर्ष 202627 की पहली तिमाही यानी अप्रैलजून में भारत की वास्तविक GDP ग्रोथ 7.8% रही. एक साल पहले इसी तिमाही में यह दर 6.9% थी. यानी सालाना आधार पर ग्रोथ में करीब 0.9 प्रतिशत अंक का सुधार हुआ है. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग की भूमिका अहम रही. यह आंकड़े अर्थशास्त्रियों के अनुमान से भी बेहतर रहे.

मैन्युफैक्चरिंग और ‘मेड इन इंडिया’

मैन्युफैक्चरिंग भारत की आर्थिक ग्रोथ का एक अहम आधार बन रहा है. सरकार मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, EV, बैटरी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है. इसका मकसद भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत बनाना और आयात पर निर्भरता कम करना है. बड़ी फैक्ट्रियों के साथ छोटे सप्लायर, ट्रांसपोर्ट और दूसरे सहायक कारोबार भी बढ़ते हैं. इससे निवेश और रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. प्रमुख क्षेत्रों में मज़बूत उत्पादन के कारण मैन्युफैक्चरिंग में 9.2% की वृद्धि दर्ज की गई. Q1 202627 तिमाही के दौरान कई मैन्युफैक्चरिंग कैटेगरीज़ ने भी अच्छा प्रदर्शन किया.

हाईवे और इन्फ्रास्ट्रक्चर

इन्फ्रास्ट्रक्चर भारत की अर्थव्यवस्था का दूसरा बड़ा इंजन है. सरकार सड़क, हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट और पोर्ट जैसे क्षेत्रों में लगातार निवेश कर रही है. आर्थिक सर्वे 202526 के मुताबिक केंद्र सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर FY2022 के ₹5.92 लाख करोड़ से बढ़कर FY2026 के बजट अनुमान में ₹11.21 लाख करोड़ हो गया. सड़क और हाईवे निर्माण से सिर्फ कनेक्टिविटी बेहतर नहीं होती, बल्कि सीमेंट, स्टील, ऑटोमोबाइल, निर्माण और लॉजिस्टिक्स जैसे कई सेक्टरों में मांग बढ़ती है.

एक्सपोर्ट और सर्विस सेक्टर

भारत की अर्थव्यवस्था में एक्सपोर्ट और सर्विस सेक्टर की भी बड़ी भूमिका है. भारत इंजीनियरिंग सामान, दवाइयां, पेट्रोलियम उत्पाद, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई उत्पादों का निर्यात करता है. वहीं IT और बिजनेस सर्विसेज भारत के सर्विस एक्सपोर्ट की बड़ी ताकत हैं. निर्यात बढ़ने से भारतीय कंपनियों को विदेशी बाजार मिलता है और देश में विदेशी मुद्रा आती है. जुलाई 2026 में भारत का कुल मर्चेंडाइज़ और सर्विस एक्सपोर्ट अनुमानित US$ 80.14 बिलियन तक पहुंच गया, जो जुलाई 2025 की तुलना में 13.31% ज़्यादा है.

खपत, निवेश और डिजिटल इकोनॉमी

भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में घरेलू खपत और निवेश का बड़ा योगदान है. लोग जब कार, मोबाइल, घर और दूसरी चीजों पर खर्च करते हैं तो कंपनियों की बिक्री और उत्पादन बढ़ता है. इसके साथ डिजिटल इकोनॉमी भी तेजी से बढ़ी है. NPCI के मुताबिक अगस्त 2026 में UPI पर 24.51 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹29.82 लाख करोड़ रही. UPI ने छोटे कारोबार से लेकर बड़े व्यापार तक डिजिटल पेमेंट को आसान बनाया है.

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