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​Lucknow Airport: 40 लाख के बिना बिल वाले iPhone और MacBook जब्त, टैक्स चोरी का खुलासा

​Lucknow Airport: 40 लाख के बिना बिल वाले iPhone और MacBook जब्त, टैक्स चोरी का खुलासा

लखनऊ अमृत विचारः  राजधानी के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राज्य कर विभाग की टीम ने टैक्स चोरी के खिलाफ एक तगड़ी स्ट्राइक की है। अहमदाबाद से फ्लाइट के जरिए लखनऊ लाए गए करीब 40 लाख रुपये मूल्य के एप्पल प्रोडक्ट्स की एक अवैध खेप विभाग के हाथ लग गई है। पकड़े गए इस माल में iPhone 15, iPhone 17 और MacBook M2 जैसे प्रीमियम और महंगे गैजेट्स शामिल थे, जिन्हें उत्तर प्रदेश के बाजारों में चुपचाप खपाने की साजिश रची जा रही थी।

बिना बिल और ईवे बिल के चल रहा था सारा खेल

विभागीय जांच के दौरान सबसे चौकाने वाली बात यह सामने आई कि इस भारीभरकम खेप के साथ एक भी वैध दस्तावेज नहीं थे। माल के साथ न तो कोई खरीद का पक्का बिल था और न ही जरूरी ईवे बिल । बिना एक भी कागजात के इतने महंगे गैजेट्स को एक राज्य से दूसरे राज्य में धकेलना साफ तौर पर गहरी टैक्स चोरी की ओर इशारा कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य कर विभाग ने तुरंत पूरी खेप को अपने कब्जे में लिया। कागजी कार्रवाई और कड़ी पूछताछ के बाद विभाग ने संबंधित व्यापारी पर 14.32 लाख रुपये का भारीभरकम अर्थदंड लगाया। व्यापारी द्वारा यह जुर्माना राशि जमा करने के बाद ही विभाग ने इस पकड़े गए माल को रिलीज किया।

बाजार में नए iPhone 18 का  क्रेज 

यह मामला ऐसे वक्त में सामने आया है जब Tech मार्केट में एप्पल के लेटेस्ट iPhone 18 सीरीज की एंट्री और उसकी जबरदस्त चर्चा का दौर चल रहा है। नए मॉडल के आने के बाद बाजार में जहां एक तरफ हाईएंड फोन्स का क्रेज अपने चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ कुछ शातिर व्यापारी और तस्कर भारीभरकम GST और टैक्स से बचने के लिए शॉर्टकट अपना रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि टैक्स की बड़ी रकम बचाने के लिए ही एयरपोर्ट, रेलवे और अंतरराज्यीय बसों का इस्तेमाल करके बिना बिल के माल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा रहा है।

सप्लायर्स पर विभाग की नजर

व्यापारी द्वारा जुर्माना जमा कर माल छुड़ा लेने के बावजूद राज्य कर विभाग की जांच जारी है। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि अहमदाबाद से लखनऊ तक करीब 40 लाख रुपये के Apple प्रोडक्ट्स बिना दस्तावेज के भेजने के पीछे कौनकौन लोग शामिल हैं।

जांच में सप्लायर से लेकर स्थानीय स्तर पर सामान पहुंचाने वाले नेटवर्क तक की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। विभाग यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस तरह बिना बिल के अन्य खेप भी उत्तर प्रदेश के बाजारों में पहुंचाई गई हैं।

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