भारतीय क्रिकेट टीम के न्यूजीलैंड दौरे से पहले ही खिलाड़ियों के लगातार मैच खेलने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। करीब दो महीने तक चलने वाले इस लंबे दौरे में भारत को पांच टी20 मुकाबले, पांच एकदिवसीय मैच और दो टेस्ट खेलने हैं। सबसे बड़ी चिंता एकदिवसीय और टेस्ट सीरीज के बीच मिलने वाले बेहद कम समय को लेकर है। पांचवां और आखिरी एकदिवसीय मुकाबला 15 नवंबर को होना है, जबकि पहला टेस्ट सिर्फ चार दिन बाद 19 नवंबर से शुरू होगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार, इस व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए भारतीय टीम प्रबंधन पांच मैचों की एकदिवसीय सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों में कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को आराम दे सकता है। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, नितीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज को माउंट माउंगानुई में होने वाले आखिरी दो एकदिवसीय मुकाबलों से बाहर रखा जा सकता है।
इन खिलाड़ियों के एकदिवसीय और टेस्ट दोनों टीमों का हिस्सा होने की संभावना है। ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने खिलाड़ियों के कार्यभार को सही तरीके से संभालने की चुनौती होगी। खासकर तेज गेंदबाजों के लिए लगातार मुकाबलों के बीच पर्याप्त आराम और टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयारी का समय अहम माना जाता है। जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज जैसे गेंदबाजों को टेस्ट सीरीज से पहले तरोताजा रखना टीम की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ को भी दो हिस्सों में बांटने की योजना पर विचार किया जा सकता है। मुख्य कोच गौतम गंभीर, गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल, सहायक कोच सितांशु कोटक और फिल्डिंग कोच सुभदीप घोष में से दो सदस्य माउंट माउंगानुई में एकदिवसीय टीम के साथ रह सकते हैं। वहीं बाकी दो सदस्य टेस्ट टीम के साथ वेलिंगटन पहुंचकर पहले मुकाबले की तैयारी देख सकते हैं।
इस व्यवस्था का मकसद एक साथ दो मोर्चों पर तैयारी करना होगा। एक तरफ भारतीय टीम को एकदिवसीय सीरीज के आखिरी दो मैच खेलने होंगे, वहीं दूसरी तरफ टेस्ट टीम को लाल गेंद के क्रिकेट के लिए खुद को तैयार करना होगा। एकदिवसीय सीरीज खत्म होने और टेस्ट शुरू होने के बीच केवल चार दिन का अंतर होने के कारण टीम के पास तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं रहेगा।
बता दें कि भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होगा। पांच टी20 मुकाबलों के बाद पांच एकदिवसीय मैच खेले जाएंगे। एकदिवसीय सीरीज का आखिरी मुकाबला 15 नवंबर को प्रस्तावित है। इसके बाद 19 से 23 नवंबर तक वेलिंगटन में पहला टेस्ट होगा। दूसरा टेस्ट 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक क्राइस्टचर्च में खेला जाना है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कार्यक्रम तय करते समय भारतीय टीम से सलाह नहीं ली गई थी। इसी वजह से खिलाड़ियों के कार्यभार और टेस्ट सीरीज से पहले तैयारी के लिए मिलने वाले समय को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आखिरी दो एकदिवसीय मैचों में किन खिलाड़ियों को वास्तव में आराम दिया जाएगा।
गौरतलब है कि दोनों टेस्ट मुकाबले मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। न्यूजीलैंड इस समय अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है, जबकि भारत पांचवें स्थान पर है। ऐसे में टेस्ट सीरीज में मिलने वाले हर अंक का महत्व रहेगा। इसलिए टीम प्रबंधन के सामने एक तरफ प्रमुख खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम देने और दूसरी तरफ मजबूत एकदिवसीय टीम उतारने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी।



