
लखनऊ/कानपुर, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कानपुर नगर में 5,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और 12 इंजीनियरों के पहुंचने का सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत है।
कानपुर नगर के जिला निर्वाचन अधिकारी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से इस दावे का खंडन किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानपुर नगर में ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है और इस प्रक्रिया के लिए किसी अन्य स्थान से नई ईवीएम नहीं लाई गई हैं।
17 सितंबर से शुरू हुई EVM की जांच
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, कानपुर नगर में ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच 17 सितंबर 2026 से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के तहत जारी है। प्रशासन ने बताया कि एफएलसी के आयोजन से जुड़ा पूरा शेड्यूल और अन्य आवश्यक जानकारी पहले ही सार्वजनिक की जा चुकी है।
‘5 हजार EVM और 12 इंजीनियर’ वाला दावा गलत
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि कानपुर नगर में 5,000 ईवीएम और 12 इंजीनियर पहुंचाए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसे पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। प्रशासन के मुताबिक, एफएलसी के लिए कानपुर नगर में किसी दूसरे स्थान से कोई नई ईवीएम नहीं लाई गई है। इसलिए सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे को लेकर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
अफवाहों से बचने की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें। चुनाव से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने को कहा गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रामक सूचनाएं या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।


