
कन्नौज में 60 साल के बुजुर्ग की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, गांव के ही शख्स ने प्रवेश दुबे को एक महिला से बातचीत करते देखा था। इसके बाद उसे दोनों के बीच संबंध होने का शक हो गया। इसी शक में उसने कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी।
UP News: यूपी के कन्नौज के तिर्वा से एक दिल दहला देने वाले मामले का खुलासा हुआ है। जहां 60 साल के बुजुर्ग प्रवेश दुबे की हत्या के पीछे किसी पुरानी रंजिश से ज्यादा एक शक ने खूनी रूप ले लिया। पुलिस के मुताबिक गांव के ही ब्रजमोहन सिंह ने प्रवेश को एक महिला से बातचीत करते देखा तो उसे दोनों के बीच संबंध होने का संदेह हुआ। यही शक दो दिन बाद उसकी हत्या की वजह बन गया।
पुलिस के अनुसार ब्रजमोहन की पत्नी की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक एक महिला से उसके संबंध बताए था। घटना से दो दिन पहले ब्रजमोहन ने उसी महिला और प्रवेश दुबे को आपस में बातचीत करते देखा था। इसके बाद उसके मन में प्रवेश को लेकर शक गहराता चला गया। 18 सितंबर की रात प्रवेश घर के बाहर पशुओं के पास टीन शेड के नीचे सो रहा था। पुलिस का दावा है कि रात में शराब के नशे में ब्रजमोहन वहां पहुंचा और सोते समय प्रवेश के सिर और चेहरे पर कुल्हाड़ी से कई वार कर दिए। हमले में प्रवेश की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह घटना की जानकारी होने पर गांव में सनसनी फैल गई और पुलिस मौके पर पहुंची।
मृतक के बेटे प्रशांत दुबे की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को लगाया गया। विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने शनिवार को ब्रजमोहन को खेत में लगे ट्यूबवेल के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित कुल्हाड़ी और उसके कपड़े भी बरामद किए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार की चोटों से शॉक और रक्तस्राव के कारण प्रवेश की मौत की पुष्टि हुई है।
हत्या के बाद खेत में छिपाया साक्ष्य
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को खेत में ले जाकर छिपा दिया। इतना ही नहीं, घटना के समय पहने कपड़े भी उतारकर मक्के के खेत में फेंक दिए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दोनों स्थानों से रक्तरंजित कुल्हाड़ी और कपड़े बरामद करने का दावा किया है। अब बरामद वस्तुओं को विवेचना में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि बरामदगी की कार्रवाई आरोपी से पूछताछ के बाद की गई।
डॉग स्क्वायड पहुंचा तो जैकी ने खोल दिया राज
हत्या के बाद मौके पर पहुंची फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम ने जांच शुरू की। खोजी कुत्ता जैकी घटनास्थल से सीधे आरोपी के घर तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी वारदात के दौरान अकेले आते-जाते दिखाई दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को जोड़ते हुए ब्रजमोहन को संदिग्ध बनाया। इसके बाद पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। घटना के अनावरण में डॉग स्क्वायड की भूमिका को देखते हुए डीआईजी कानपुर परिक्षेत्र यमुना प्रसाद ने टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।



