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​रेलवे कर्मचारियों को मिला बड़ा विकल्प! NPS छोड़ UPS में जाने का एक मौका, जानिए पेंशन और VRS पर नया नियम

यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस को लेकर रेलवे कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को एक नोटिफिकेशप के माध्यम से सभी तरह की गाइडलाइंस स्पष्ट कर दी हैं, जिससे पेंशन के विकल्पों को लेकर बना संशय दूर हो गया है. नए नियमों के तहत, न्यूनतम 25 साल की क्वालिफाइंग सर्विस पूरी करने वाले रेलवे कर्मचारियों को उनकी रिटायरमेंट से ठीक पहले के 12 महीनों के औसत बेसिक पे का 50 फीसदी एश्योर्ड पेंशन के रूप में दिया जाएगा. इसके साथ ही, नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत आने वाले मौजूदा कर्मचारियों को UPS में स्विच करने का एक बार वनटाइम विकल्प मिलेगा.

​रेलवे कर्मचारियों को मिला बड़ा विकल्प! NPS छोड़ UPS में जाने का एक मौका, जानिए पेंशन और VRS पर नया नियम

इस नई गाइडलाइन में वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों के लिए भी पेंशन की स्थिति साफ कर दी गई है. यदि कोई कर्मचारी न्यूनतम सेवा अवधि पूरी करने के बाद वॉलेंटरी रिटायरमेंट लेता है, तो वह भी एश्योर्ड पेंशन का हकदार होगा, जबकि 10 साल की सर्विस पूरी होने पर कम से कम 10,000 रुपये की पेंशन मिलेगी, और 25 साल की सर्विस पूरी होने पर पूरी पेंशन मिल सकती है. इसके अलावा, कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में परिवार को 60 फीसदी और महंगाई राहत का लाभ भी मिलेगा. केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल, 2025 को NPS के तहत UPS स्कीम शुरू की थी. केंद्र सरकार के कई विभाग एकएक करके UPS को लागू कर रहे हैं, और अब रेलवे ने भी अपने कर्मचारियों के लिए यह पेंशन स्कीम शुरू कर दी है.

कौन से रेलवे कर्मचारी UPS के दायरे में आएंगे?

UPS में वे रेलवे कर्मचारी शामिल हैं जिनकी नियुक्ति 1 जनवरी, 2004 को या उसके बाद हुई थी और जो NPS के दायरे में आते हैं. नोटिफिकेशन के अनुसार, कैजुअल या दिहाड़ी मजदूर, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी और दूसरी पेंशन स्कीम के नियमों के तहत आने वाले कुछ खास कैटेगरी के कर्मचारी UPS में शामिल नहीं हो सकते.

कर्मचारी और इंप्लॉयर की ओर से UPS कॉर्पस में योगदान

रेलवे UPS सब्सक्राइबर को हर महीने अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 10 फीसदी हिस्सा अपने पर्सनल UPS अकाउंट में जमा करना होगा. अगर कर्मचारी प्रोबेशन पर है या केंद्र या राज्य सरकार के किसी विभाग में डेप्युटेशन पर है, तब भी यह योगदान जारी रहेगा. रेलवे भी कर्मचारी की बेसिक पे और DA का 10% हिस्सा उनके UPS कॉर्पस में जमा करेगा. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के नियम के अनुसार, सरकार बेसिक पे + DA का लगभग 8.5 फीसदी हिस्सा उस पूल कॉर्पस में भी जमा करती है जो रिटायरमेंट पर कर्मचारियों को पक्की पेंशन देता है.

UPS के तहत रेलवे कर्मचारियों के लिए पेंशन की राशि

नोटिफिकेशन के अनुसार, 25 साल की सर्विस पूरी होने पर कर्मचारियों को पूरी गारंटीड पेंशन मिलेगी, जो रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों के औसत बेसिक पे का 50 फीसदी होगी. अगर सर्विस 10 से 25 साल के बीच है, तो कर्मचारी का पेआउट उसी अनुपात में कम हो जाएगा.

UPS के तहत रेलवे कर्मचारियों के लिए फैमिली पेंशन

नोटिफिकेशन के अनुसार, फैमिली पेंशन रिटायरमेंट या सुपरएनुएशन की तारीख पर कानूनी रूप से विवाहित जीवनसाथी को दी जाएगी. मिलने वाली फैमिली पेंशन का पेआउट पूरी पेंशन का 60% होगा.

वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम चुनने के बाद पेंशन

रेलवे कर्मचारियों के लिए UPS नियम उन्हें 20 साल की सर्विस पूरी होने के बाद वॉलंटरी रिटायरमेंट लेने की अनुमति देते हैं. पेंशन का पेआउट सर्विस के सालों पर निर्भर करेगा. अगर कर्मचारी 25 साल की सर्विस पूरी करने के बाद VRS लेता है, तो पेंशन रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों के औसत बेसिक पे का 50 फीसदी होगी. अगर सर्विस की अवधि 25 साल से कम है, तो कर्मचारी को प्रोराटा गारंटीड पेआउट मिलेगा. UPS के तहत, अगर कोई VRS लेता है, तो उनका एन्युइटी पेआउट उस तारीख से शुरू होगा जब कर्मचारी सुपरएनुएशन की उम्र तक पहुंचेगा, न कि वॉलंटरी रिटायरमेंट के तुरंत बाद.

अगर रेलवे कर्मचारी इस्तीफा देता है तो UPS पेंशन

सामान्य इस्तीफे की स्थिति में UPS के तहत गारंटीड पेंशन का अधिकार खत्म हो जाएगा. कर्मचारी को व्यक्तिगत कॉर्पस में जमा पेंशन राशि एकमुश्त मिलेगी.कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त करने या हटाने के मामले में भी यही नियम लागू होगा.अनिवार्य रिटायरमेंट के मामले में, पेआउट मिलने वाले पूरे पेआउट के दोतिहाई से कम और पूरे पेआउट से ज़्यादा नहीं हो सकता. अगर केंद्र सरकार के तहत दूसरी नौकरी के लिए उचित अनुमति के साथ इस्तीफा दिया गया है, तो UPS के फायदे खत्म नहीं होंगे.

रेलवे कर्मचारी की मौत होने पर UPS पेंशन

इस मामले में, लागू होने वाले UPS फायदे चुने गए विकल्प और हालात पर निर्भर करेंगे. अगर कोई कर्मचारी UPS विकल्प चुने बिना 15 साल की सर्विस पूरी करने के बाद गुजर जाता है, तो परिवार को कुछ खास हालात में रेलवे के लागू पेंशन नियमों के तहत पेंशन का फायदा मिल सकता है.

रेलवे कर्मचारियों के लिए UPS से NPS में स्विच करना

अगर कोई रेलवे कर्मचारी UPS से NPS में स्विच करना चाहता है, तो वह अपनी सर्विस के दौरान ऐसा एक बार कर सकता है. एक बार NPS चुनने के बाद, वे वापस UPS में स्विच नहीं कर सकते. अगर वे NPS चुनते हैं, तो उनके NPS कॉर्पस में सरकार का योगदान उनकी बेसिक पे का 14 फीसदी होगा.

ये लोग UPS से NPS में नहीं कर सकेंगे स्विच

  • रिटायरमेंट से 12 महीने पहले
  • वॉलंटरी रिटायरमेंट से तीन महीने पहले
  • इस्तीफा/अनिवार्य रिटायरमेंट की कुछ स्थितियों में
  • जब विभागीय या न्यायिक कार्यवाही चल रही हो/विचाराधीन हो.

UPS पेंशन पर महंगाई राहत मिलेगी

UPS रेलवे कर्मचारियों के लिए कोई फिक्स्ड पेंशन स्कीम नहीं होगी क्योंकि UPS सब्सक्राइबर्स को अपनी बेसिक पेंशन पर महंगाई राहत भी मिलती है. DR फैमिली पेंशन पर भी मिलती है.

इंडिविजुअल बनाम बेंचमार्क कॉर्पस

UPS में इंडिविजुअल कॉर्पस का मतलब है एम्प्लॉयर द्वारा किया गया निवेश और उस पर मिलने वाला रिटर्न. इंडिविजुअल कॉर्पस, कर्मचारी के परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर से जुड़े UPS अकाउंट में मौजूद यूनिट्स की नेट एसेट वैल्यू होती है. बेंचमार्क कॉर्पस एक काल्पनिक रेफरेंस कॉर्पस है, जिसकी केलकुलेशन डिफॉल्ट इन्वेस्टमेंट पैटर्न का इस्तेमाल करके और बिना किसी खास विड्रॉज के रेगुलर UPS योगदान मानकर की जाती है.

PFRDA का कहना है कि अगर रिटायरमेंट के समय कर्मचारी का इंडिविजुअल कॉर्पस बेंचमार्क कॉर्पस से कम है, तो तय भुगतान को उसी अनुपात में कम किया जा सकता है. ऐसी स्थिति में, कर्मचारी नियमों के अधीन रहते हुए कमी को पूरा कर सकता है.

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