चुनाव आयोग को लेकर सियासी घमासान तेज है. कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन कर रही है.वहीं सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे में इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया है.

चुनाव आयोग में कथित अंदरूनी मतभेदों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से लेकर संसद और पुलिस थाने तक पहुंच गया है. गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी. इसके बाद कांग्रेस ने शुक्रवार यानी आज देशभर में चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकाल रही है. इस बीच CEC ज्ञानेश कुमार ने अपना वाराणसी और मेरठ दौरा रद्द कर दिया है.
48 घंटे का अल्टीमेटम, आज खत्म होने की ओर समय
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर एक अलग मोर्चा सीजेपी ने खोला है. संगठन ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए इस्तीफा देने की मांग की थी. सीजेपी का कहना है कि अगर 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया गया तो देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा. संगठन ने दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरने की भी चेतावनी दी है.
आज कांग्रेस का देशभर में मार्च
कांग्रेस ने 25 सितंबर को सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों को अपनेअपने राज्यों में चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकालने का निर्देश दिया है. कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई और उनके कार्यकाल में हुए फैसलों तथा मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की जाएगी. इसके बाद 28 सितंबर को जिला कांग्रेस समितियों को जिला मुख्यालयों तक मार्च निकालने के निर्देश दिए गए हैं.
राहुल गांधी ने भी मांगा था इस्तीफा
गुरुवार को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी. राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि चुनाव व्यवस्था को लेकर बुनियादी सवाल खड़े हो गए हैं और ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ देना चाहिए. राहुल गांधी ने अपने आरोपों के समर्थन में चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी रिपोर्ट का भी हवाला दिया. हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों के बीच कहा है कि आयोग के सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं.
महुआ मोइत्रा ने थाने में दी शिकायत
इसी विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दी. उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़े आरोपों का हवाला देते हुए प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच की मांग की है. पुलिस ने फिलहाल प्राथमिकी दर्ज नहीं की है. महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि यदि दो अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद फैसले लिए गए, तो इसकी जांच होनी चाहिए.
विवाद की जड़ क्या है?
पूरा विवाद उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर आयोग के फैसलों और आदेशों को लेकर आपत्ति दर्ज की. रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां विशेष गहन पुनरीक्षण समेत मतदाता सूची, मतदाताओं के नाम जोड़नेहटाने और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़े मामलों में थीं.
लेकिन चुनाव आयोग का कहना है कि आयोग में लिखित टिप्पणियां, अलगअलग राय और आंतरिक जांचपरख सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं.



