मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता के उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित दो कार्यक्रम स्थगित होने को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है. कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि ‘अब तो गुप्ता जी अपने प्रोग्राम में भी नहीं जाना चाहते हैं… गुप्ता जी क्या हाल अपना बना कर रखा है और देश का भी’

असम से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘मुख्य चुनाव आयुक्त को मुंह छिपाने की जरूरत क्यों पड़ रही है, कार्यक्रम कैंसिल करते घूम रहे हैं.’ दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मेरठ दौरा 25 सितंबर को होने वाला था. वहीं 28 सितंबर को वाराणसी में कार्यक्रम होना था. लेकिन दोनों कार्यक्रम को टाल दिया गया है.
‘ज्ञानेश कुमार का गुप्त मिशन अब गुप्त नहीं रहा’
कांग्रेस के पूर्व मीडिया प्रभारी ने कहा, ‘जब संविधान बनाया गया था तब बाबा साहेब ने ये सुनिश्चित किया था कि वोट पर सबका समान अधिकार होना चाहिए. फिर चाहे वो रिक्शा चलने वाला हो या किसी अमीर व्यक्ति अडानी अंबानी का वोट हो.’ कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में आम मतदाताओं और कथित VIP वोटर के बीच अंतर किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले 3 सालों से वोट चोरी कैसे हो रही है वो तथ्यों के साथ दिखाया और बताया भी है. पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार का गुप्त मिशन अब गुप्त नहीं रहा है कि कैसे लोगों को वोट के अधिकार से लोगो को दूर रखा जा रहा है.
‘VIP दर्शन तो देखे लेकिन वोटर कभी नहीं देखा’
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुनवाई के जल्दी निवारण पर भी सवाल किया. साथ हीBlo app में एक नई वीआईपी वोटर श्रेणी अपलोड करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘दिल्ली की मुख्यमंत्री की सुनवाई का निवारण 2 मिनट में कर दिया गया लेकिन किसी आम व्यक्ति को घंटों लाइनों में खड़े रहना पड़ता है. VIP दर्शन तो देखे लेकिन वोटर कभी नहीं देखा था.’
वहीं, कांग्रेस की ओर से ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा और उनकी गिरफ्तारी की मांग हो रही है. पार्टीके कार्यकर्ताओं ने इसको लेकेर दिल्ली समेत लखनऊ, पटना, हैदराबाद, गुहाटी और कोलकाता में चुनाव आयोग के दफ्तरों की ओर मार्च निकाला है. दिल्ली में तो प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को बैरिकेडिंग करनी पड़ी, जहां पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक की घटना भी सामने आईं.
मेरठ और वाराणसी में CEC का कार्यक्रम टला
बता दें कि, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मेरठ और वाराणसी में कार्यक्रम को टाल दिया गया है. मेरठ में 25 और वाराणसी में 28 सितंबर को कार्यक्रम होना था. इन कार्यक्रमों में युवाओं से संवाद और चुनावी साक्षरता से जुड़े विषय पर चर्चा होनी थी. यह चुनाव आयोग की ईएलसी कॉन्फ्रेंस की विशेष पहल थी. इसी को टालने पर विपक्ष इसे ताजा विवाद से जोड़ रही है.
हालांकि, यूपी में दोनों प्रस्तावित कार्यक्रम को स्थगित करने पर चुनाव आयोग की ओर से सफाई भी दी गई.निर्वाचन आयोग ने बताया कि न दो कॉन्फ्रेंस को स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को ही लिया गया था. आयोग के मुताबिक, वेन्यू की उपलब्धता, उच्च अधिकारियों के कार्यक्रम और प्राकृतिक कारणों जैसे कई कारणों से ईएलसी कॉन्फ्रेंस को स्थगित या तारीखों में बदलाव किया जाता है.


