
Cyclone Arnab: यूपी, बिहार, छत्तीसगढ समेत कई राज्यों में इस समय आफत की बारिश हो रही है। वहीं, बीते शनिवार से तो यूपी के कई जिलों में इसने विकराल रूप ले लिया है। इसका सबसे बडा कारण बंगाल की खाडी में उठा चक्रवात अर्नब है, लेकिन अब यह चक्रवात कमजोर पड़ चुका है। लेकिन इसका असर अभी कम होता नहीं होता दिख रहा है। इसके असर से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो चुका है। यूपी में पिछले 48 घंटों से तेज हवाओं का असर साफ दिख रहा है। यूपी के अलग अलग हिस्सों से कई मौतों की खबर आ रही है। वहीं अगर पश्चिमी यूपी की बात करें तो इस तूफान ने अपना कहर बरपाया है।
क्या है तूफान Arnab
सितंबर 2026 के आखिरी सप्ताह में ‘Cyclone Arnab’ नाम सोशल मीडिया और इंटरनेट पर तेजी से चर्चा में रहा। कई लोगों ने इसे चक्रवाती तूफान बताया, लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग IMD के आधिकारिक वर्गीकरण के मुताबिक यह कोई आधिकारिक चक्रवाती तूफान नहीं था। IMD ने इसे ‘Deep Depression’ यानी गहरे दबाव वाले मौसमीय सिस्टम के रूप में वर्गीकृत किया था।
चक्रवात नहीं बल्कि deep depression
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग IMD के आधिकारिक विज्ञानी, आईएमडी के अनुसार, ओडिशा में भारी वर्षा लाने वाला मौसम का मिजाज एक गहरा दबाव deep depression है, न कि कोई चक्रवात। ओडिशा के मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा, “हमें आईएमडी द्वारा सूचित किया गया है कि सिस्टम गहरे अवसाद में बदल सकता है, लेकिन चक्रवात में नहीं।”
IMD ने इसे चक्रवात क्यों नहीं माना?
नासा के वैज्ञानिकों की बात अगर मानी जाए तो, डिप्रेशन और उष्णकटिबंधीय तूफान के बीच सबसे बड़ा अंतर हवा की रफ्तार का होता है। डिप्रेशन तब बनता है, जब कम दबाव वाले क्षेत्र के आसपास हवा गोलाकार दिशा में घूमती है और उसकी अधिकतम रफ्तार 39 मील प्रति घंटे से कम होती है। वहीं, जब यह सिस्टम ज्यादा मजबूत और व्यवस्थित हो जाता है और हवाओं की रफ्तार 39 से 73 मील प्रति घंटे तक पहुंच जाती है, तो इसे उष्णकटिबंधीय तूफान कहा जाता है।
‘Cyclone Arnab’ आखिर कैसे विकसित हुआ?
‘Cyclone Arnab’ नाम बांग्लादेश द्वारा सुझाया गया है, जिसका बंगाली में अर्थ महासागर होता है। यह एक deep depression है। यह मौसमीय सिस्टम बंगाल की खाड़ी में बने एक कम दबाव वाले क्षेत्र से विकसित हुआ था। समुद्र की गर्म सतह और वातावरण में मौजूद नमी के कारण यह सिस्टम धीरेधीरे मजबूत होता गया। पहले यह डिप्रेशन बना और इसके बाद इसकी ताकत बढ़ने पर 22 सितंबर 2026 को डीप डिप्रेशन में बदल गया।
कहां कहां हुआ इसका असर
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश और मौसम का असर देखने को मिल रहा है। जबकि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन पर इस चक्रवात का असर देखने को मिला है। किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ रहा है। बाढ़ के कारण कई गांवों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली में बारिश का अनुमान
मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में व्यापक बारिश होने का अनुमान लगाया है जबकि 28 और 29 सितंबर को कहींकहीं बारिश हो सकती है। पंजाब में भी 27 से 29 सितंबर के बीच कहींकहीं बारिश होने का अनुमान है।
आईएमडी के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने और 4050 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवा चलने के साथ आंधीतूफान का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। मध्य भारत में, रविवार को पूर्वी मध्य प्रदेश और रविवार व सोमवार को छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। आज पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, दोनों ही जगहों पर कहींकहीं भारी बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने शनिवार सुबह 8:30 बजे से रविवार सुबह 5:30 बजे के बीच हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई जगहों पर बारिश की जानकारी दी है। यह बारिश उत्तरपश्चिम भारत से दक्षिणपश्चिम मानसून के लौटने के साथ हो रही है। आईएमडी के अनुसार, मानसून की वापसी की रेखा अभी गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुज़फ़्फ़रनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुज़र रही है।
यूपी में कमजोर हो रहा मॉनसून
रविवार सुबह 5:30 बजे तक, दक्षिणपूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना दबाव कमज़ोर पड़कर उत्तरीमध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर स्पष्ट रूप से कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया। इसके उत्तरउत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 12 घंटों में और कमज़ोर होने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में कहींकहीं बारिश हो सकती है।
हरियाणा के किसानों को सलाह
मौसम विभाग ने हरियाणा के किसानों को सलाह दी है कि वे सिंचाई, खेतीबाड़ी से जुड़े अन्य कामों, खाद डालने और पौधों की सुरक्षा के उपायों को कुछ समय के लिए टाल दें। किसानों को यह भी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि पानी जमा न हो, इसके लिए पानी की निकासी का सही इंतज़ाम हो। इसके अलावा, आज के लिए सबसे गंभीर बारिश की चेतावनी उत्तराखंड के लिए है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगहों पर अतिवृष्टि होने का अनुमान है।
भारत के इन हिस्सों में होगी बारिश
दक्षिण भारत में, इस सप्ताह आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। 29 और 30 सितंबर को असम और मेघालय में कहींकहीं भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक में 28 सितंबर और 30 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि 29 सितंबर को कहींकहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। 30 सितंबर से एक अक्टूबर तक तमिलनाडु और पुडुचेरी में, और एक से दो अक्टूबर तक केरल में भी भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अंडमान सागर और अंडमान द्वीप समूह के इलाकों में तूफानी मौसम की चेतावनी दी है।
अगले 48 घंटों के दौरान यहां 4050 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। समुद्र की स्थिति खराब या बहुत खराब रहने की आशंका है इसलिए मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अंडमान सागर के कुछ खास इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। यह पूर्वानुमान मौसम विभाग द्वारा आज सुबह 9.11 बजे जारी अखिल भारतीय मौसम सारांश एवं पूर्वानुमान बुलेटिन पर आधारित है।

