
लखनऊ। सड़क सुरक्षा के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों के बावजूद लखनऊ मंडल में लखनऊ और लखीमपुर खीरी में सड़क हादसों और मौतों के आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच राजधानी लखनऊ में सड़क दुर्घटनाओं में 11.9 प्रतिशत, जबकि हादसों में मृतकों की संख्या में 10.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, लखीमपुर खीरी में दुर्घटनाएं 9.3 प्रतिशत और मृतकों की संख्या 12.3 प्रतिशत बढ़ी है।
इसके विपरीत उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और हरदोई में सड़क हादसों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
हादसों के कारणों की होगी वैज्ञानिक समीक्षा
शनिवार को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें जनवरी से अगस्त तक के आठ महीनों के दुर्घटना आंकड़ों की जनपदवार समीक्षा की गई।
बैठक में हादसों के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ब्लैक स्पॉट के सुधारीकरण में तेजी लाने और दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक एवं सटीक विश्लेषण करने को कहा गया।
पुराने हिट एंड रन मामलों के वर्ष 2026 के लंबित प्रकरणों पर भी मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। समीक्षा में लखनऊ में पांच, रायबरेली में सात, सीतापुर में तीन और हरदोई में 10 आवेदन लंबित पाए गए।
घायल को कैशलेस इलाज से मना किया तो होगी कार्रवाई
सड़क हादसों में घायल लोगों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के लिए मंडल के निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया है। लखनऊ में 15, उन्नाव में 25, रायबरेली में 12, सीतापुर में एक, लखीमपुर खीरी में चार और हरदोई में 17 निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं।
बैठक में डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि कुछ अस्पताल सड़क हादसों में घायल लोगों को कैशलेस इलाज देने से इनकार कर रहे हैं। इस पर मंडलायुक्त ने ऐसे अस्पतालों की सूची तैयार कर चिकित्सा विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
हर स्कूल में बनेगी परिवहन सुरक्षा समिति
विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया गया। अब प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
शिक्षा विभाग तहसील या विकासखंड स्तर पर सक्षम अधिकारी नामित करेगा। यह अधिकारी अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों में समिति का गठन सुनिश्चित कराएंगे। इसकी जिम्मेदारी आरटीओ प्रवर्तन को भी दी गई है।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी, एडीएम राज बहादुर, आरटीओ अरुण कुमार, आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पाण्डेय, एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न समेत लोक निर्माण विभाग, यूपीडा, गंगा एक्सप्रेसवे, शिक्षा विभाग, नगर निगम, सेतु निगम, स्मार्ट सिटी और ईरिक्शा एसोसिएशन के अधिकारी मौजूद रहे।
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