
रवि प्रकाश सिंह चंदन, प्रतापगढ़,अमृत विचार : “डीएम साहब! हमाय आप सुन लेंय। आप हमाय भगवान अहेन। न हम पढ़े.. न लिखे.. हम कहां जाई…” ये किसी नाटक के संवाद नहीं, बल्कि एक लाचार और निरक्षर बुजुर्ग महिला के हृदयविदारक शब्द हैं, जो प्रशासनिक उपेक्षा और गरीबी के दर्द से छलक पड़े हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बुजुर्ग महिला रोरोकर और हाथ जोड़कर सरकार व प्रशासन से मदद की गुहार लगाती नजर आ रही हैं।
वायरल वीडियो के अनुसार, पीड़िता की पहचान कुंडा तहसील क्षेत्र के महेशगंज थाना अंतर्गत हरदत्त का पुरवा निवासी सीता देवी मिश्रा पत्नी देवनाथ मिश्रा के रूप में हुई है। बुजुर्ग सीता देवी की जिंदगी दुखों के पहाड़ तले दबी हुई है। कुछ समय पहले उनके युवा बेटे का निधन हो चुका है। अब वह अपनी नन्हीं नातिन के साथ किसी तरह दिन काट रही हैं। वर्तमान में उनके कच्चे घर में जलभराव हो गया है, जिससे रहने और खानेपीने का संकट खड़ा हो गया है। चारों तरफ भरे पानी के बीच वह अपनी मासूम नातिन के साथ बेबस जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
‘न मिला आवास, न कोई सरकारी योजना’
भावुक होकर फूटफूटकर रोते हुए सीता देवी ने बताया कि इतने अभावों के बावजूद उन्हें आज तक न तो आवास योजना का लाभ मिला है और न ही किसी अन्य सरकारी कल्याणकारी योजना की मदद मिली है। अनपढ़ होने के कारण उन्हें यह भी समझ नहीं आ रहा कि वे अपनी फरियाद लेकर किस दफ्तर के चक्कर लगाएं। वीडियो में बुजुर्ग महिला अधिकारियों और सरकार से रोते हुए अपील कर रही हैं कि कोई जिम्मेदार अधिकारी उनके गांव और घर पर आकर धरातली स्थिति की जांच करे और उन्हें इस नरकीय जीवन से निजात दिलाए। अब देखना यह होगा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दर्द भरे वीडियो का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन और तहसील स्तरीय अधिकारी इस असहाय महिला तक मदद का हाथ बढ़ाते हैं या फिर यह गुहार भी कागजी फाइलों में दबकर रह जाएगी।
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