
त्योहारी सीजन में अगर आप नया AC, टीवी, फ्रिज या वॉशिंग मशीन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए एक अहम खबर है। GST में राहत मिलने के बावजूद अक्टूबर से कई घरेलू उपकरणों की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कंपनियों ने बढ़ती उत्पादन लागत, कच्चे माल की महंगाई और माल ढुलाई महंगी होने को इसकी प्रमुख वजह बताया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 से कई कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतों में करीब 5 से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। कुछ कंपनियों की ओर से अलग-अलग कैटेगरी में 4 से 10 फीसदी तक की कीमत बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है।
GST में 28 से 18 फीसदी की राहत
पिछले साल GST में किए गए बदलाव के बाद एयर कंडीशनर और डिशवॉशर पर GST की दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी गई थी। इसी तरह सभी टीवी और मॉनिटर पर 18 फीसदी की समान GST दर लागू की गई।
इस बदलाव का असर कंपनियों के संशोधित MRP में भी दिखाई दिया। उदाहरण के तौर पर, ब्लू स्टार और Daikin जैसी कंपनियों ने GST कटौती के बाद अपने AC मॉडल की कीमतों में कमी की थी।
लेकिन अब कच्चे माल और दूसरी लागत बढ़ने के कारण कंपनियां कीमतों में फिर से संशोधन कर रही हैं।
1 अक्टूबर से AC की कीमतों में 5-8% तक बढ़ोतरी
सबसे ज्यादा असर एयर कंडीशनर की कीमतों पर पड़ने की संभावना है। उद्योग से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक AC की कीमतों में करीब 5 से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है।
Blue Star ने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण AC और डीप फ्रीजर की कीमतों में बढ़ोतरी की बात कही है। वहीं Haier ने भी 1 अक्टूबर से रूम AC की कीमतों में करीब 5 फीसदी बढ़ोतरी का संकेत दिया है।
टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन भी हो सकते हैं महंगे
सिर्फ AC ही नहीं, बल्कि LED टीवी, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसी दूसरी कैटेगरी पर भी कीमत बढ़ने का असर पड़ सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार कुछ कंपनियां इन उत्पादों की कीमतों में करीब 3 से 4 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं, जबकि कुछ ब्रांड अलग-अलग कैटेगरी में इससे ज्यादा कीमत बढ़ाने की तैयारी में हैं।
आखिर क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
कंपनियों के मुताबिक पिछले कुछ समय में कॉपर, स्टील और एल्युमिनियम जैसे कच्चे माल की लागत बढ़ी है। इसके अलावा प्लास्टिक और क्रूड से जुड़े उत्पादों की कीमत, समुद्री मालभाड़ा और सप्लाई चेन से जुड़ी लागत भी कंपनियों पर दबाव डाल रही है।
AC के मामले में कॉपर की कीमत खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके निर्माण में कॉपर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। Haier ने भी कॉपर की बढ़ती कीमतों को AC की उत्पादन लागत बढ़ने की प्रमुख वजहों में शामिल किया है।
दिवाली से पहले पुराने स्टॉक पर मिल सकता है फायदा
हालांकि 1 अक्टूबर से कंपनियों की नई कीमतें लागू होने की बात कही जा रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर दुकान पर उसी दिन सभी उत्पाद महंगे हो जाएंगे।
कई डीलरों और वितरकों के पास पुराने दाम पर खरीदा गया स्टॉक मौजूद है। ऐसे में कुछ समय तक ग्राहकों को पुराने MRP पर उत्पाद मिल सकते हैं। उद्योग के मुताबिक दिवाली तक पुराने स्टॉक का कुछ हिस्सा बाजार में रह सकता है और उसके बाद नई कीमतों का असर ज्यादा स्पष्ट दिखाई दे सकता है।
इस साल तीसरी बार बढ़ सकती हैं कीमतें
रिपोर्टों के मुताबिक 2026 में यह उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंसेज इंडस्ट्री में कीमत बढ़ने का तीसरा दौर होगा। कंपनियों पर एक तरफ बढ़ती लागत का दबाव है, वहीं दूसरी तरफ त्योहारी सीजन में मांग को बनाए रखने की चुनौती भी है।
यानी GST में मिली राहत के बाद ग्राहकों को जहां टैक्स के स्तर पर फायदा मिला था, वहीं अब बढ़ती उत्पादन लागत के कारण कंपनियां उस दबाव का कुछ हिस्सा कीमतों के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की तैयारी में हैं।
अगर आप दिवाली से पहले AC, TV, फ्रिज या वॉशिंग मशीन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पुराने स्टॉक और नए MRP के बीच अंतर जरूर जांचना फायदेमंद रहेगा।



