
बाराबंकी, अमृत विचार: बीते दिनों हुई अत्यधिक बारिश, जलभराव और प्रतिकूल मौसम के बीच 26 सितंबर को छात्रछात्राओं का अवकाश घोषित किए जाने के बावजूद शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए जाने पर विभिन्न शिक्षक संगठनों ने नाराजगी जताई है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि ऐसे मौसम में शिक्षकों के आवागमन के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां थीं।
इसके बावजूद शिक्षकों ने अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए विद्यालय पहुंचकर काम किया। वहीं, भारी बारिश के दौरान सघन विद्यालय निरीक्षण किए जाने को लेकर भी शिक्षक संगठनों में आक्रोश है।
सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के डॉ. राकेश कुमार सिंह और पवन कुमार वर्मा, उत्तर प्रदेशीय जूनियर शिक्षक संघ के धर्मेंद्र कुमार, यूटा के आशुतोष कुमार, शैक्षिक महासंघ के सुनील कुमार और अटेवा के अमित वर्मा समेत कई शिक्षक नेताओं ने प्रतिकूल मौसम में शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की।
उमा नाथ मिश्र, विकास वर्मा, आशीष सिंह, पूर्णेश प्रताप सिंह, राजेश श्रीवास्तव, संतोष वर्मा, श्याम किशोर बाजपेई, रवि भदौरिया, दिलीप तिवारी और जय कुमार ने भी मामले को लेकर चिंता जताई।
परिस्थितियों का आकलन कर लिया जाए निर्णय
शिक्षक संगठनों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि भविष्य में अत्यधिक वर्षा, जलभराव या अन्य असाधारण परिस्थितियों में शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति का निर्णय परिस्थितियों का आकलन करने के बाद लिया जाए। संगठनों ने इसके लिए मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है।
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