
दुनिया में रिश्तों को लेकर तरह-तरह के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन इस शख्स की शादीशुदा जिंदगी की कहानी कुछ अलग ही है। उसकी एक या दो नहीं, बल्कि नौ पत्नियां हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि सभी को समय देने के लिए उसने बाकायदा एक रूटीन तक बना रखा था।
शुरुआत में उसे लगा कि इस तरीके से वह अपनी सभी पत्नियों के साथ बराबर समय बिता पाएगा और किसी को शिकायत का मौका नहीं मिलेगा। लेकिन कुछ समय बाद यही व्यवस्था उसके लिए परेशानी का कारण बन गई।
बताया जाता है कि यह शख्स खुद को खुले रिश्तों की सोच रखने वाला व्यक्ति मानता है। इसी सोच के चलते उसने अलग-अलग महिलाओं के साथ विवाह किया। जब पत्नियों की संख्या बढ़ती गई तो सभी के लिए समय निकालना उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया।
इसके बाद उसने एक टाइम टेबल तैयार किया।
किस दिन किस पत्नी के साथ समय बिताना है, किसके साथ बाहर जाना है और किसके साथ निजी वक्त गुजारना है, इसका पूरा हिसाब रखने की कोशिश की गई। उसका मकसद था कि किसी पत्नी को ऐसा न लगे कि उसे बाकी के मुकाबले कम महत्व दिया जा रहा है।
लेकिन कुछ समय बाद उसे महसूस हुआ कि रिश्तों को सिर्फ एक तय रूटीन के हिसाब से चलाना उतना आसान नहीं है।
उसने बताया कि शुरुआत में यह व्यवस्था ठीक लग रही थी, लेकिन धीरे-धीरे उसे ऐसा महसूस होने लगा जैसे वह अपनी इच्छा से नहीं बल्कि एक तय कार्यक्रम के दबाव में रिश्ते निभा रहा हो।
आखिरकार उसने इस टाइम टेबल को छोड़ दिया।
हालांकि टाइम टेबल खत्म होने के बाद भी उसकी परेशानियां पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। अब उसके सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है—तोहफों को लेकर।
अगर वह किसी एक पत्नी के लिए महंगा या खास गिफ्ट खरीदता है तो दूसरी पत्नियों को बुरा लगने लगता है। उसे डर रहता है कि कहीं किसी को यह महसूस न हो कि उसे कम महत्व दिया जा रहा है।
यानी नौ रिश्तों को बराबरी से संभालने की कोशिश में अब सबसे मुश्किल काम यह तय करना हो गया है कि किसे क्या दिया जाए।
मामला इतना बढ़ चुका है कि एक पत्नी के नाराज होकर अलग होने की धमकी देने की बात भी सामने आई है।
इस पूरी कहानी में सबसे दिलचस्प बात यही है कि जिस व्यक्ति ने अपने रिश्तों को व्यवस्थित रखने के लिए टाइम टेबल बनाया था, वही व्यवस्था आखिरकार उसके लिए तनाव का कारण बन गई। अब वह बिना किसी तय शेड्यूल के अपनी शादीशुदा जिंदगी को संभालने की कोशिश कर रहा है।



