
पति की हत्या कर शव गट्टर में फेंकने के मामले में महिला और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साढ़े चार साल पुराने मामले में मंगलवा को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने फैसला सुनाया।
दोषी अनिता देवी और उसके प्रेमी संजय कुमार पर 52 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोनों को शुक्रवार को दोषी करार दिया गया था। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील प्रदीप शर्मा ने पर्याप्त सबूत पेश किए। उन्होंने दलील दी कि दोषियों ने दोषियों ने गंभीर अपराध को अंजाम दिया है इसलिए दोनों माफी के हकदार नहीं हैं। इन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दी जाए।
इस मामले में 3 फरवरी 2022 को हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मृतक सियाराम साह मूल रूप से बिहार के जिला मुजफ्फरपुर के डाकघर प्रतापनगर के गांव खलीलपुर का रहने वाला था। वह पत्नी के साथ पंचकूला सेक्टर-26 के मदनपुर में किराये के मकान में रहता था और मिस्त्री का काम करता था।
संजय कुमार मूल रूप से यूपी के गोरखपुर के कुशीनगर का रहने वाला है। वह भी मदनपुर में अनिता के पड़ोस में किराये के मकान में रहता था। दोनों ने मिलकर फरवरी 2022 को सियाराम साह की हत्या की थी की और लाश गट्टर में फेंक दिया था। दोनों के खिलाफ मृतक सियाराम साह के भाई राम साह की शिकायत पर 3 फरवरी 2022 को हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
भाई की शिकायत पर दर्ज किया था केस
पुलिस को दी शिकायत में राम साह ने बताया था कि वह पांच भाई हैं। वह मजदूरी करता है। उसका बड़ा भाई गांव में माता-पिता के साथ रहता है, जबकि तीन भाई चंडीगढ़ के सेक्टर-52 कजहेड़ी में उसके साथ रहते हैं। उसका भाई सियाराम साह पत्नी के साथ गांव मदनपुर, सेक्टर-26, पंचकूला में रहता है।
घटना के दिन राम साह के ठेकेदार ने मोबाइल फोन पर एक मृत व्यक्ति की फोटो दिखाई। वह फोटो उसके भाई सियाराम साह की थी। इसके बाद वह अपने भाई के साथ मदनपुर उसके घर पहुंचा।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि संजय कुमार और उसकी भाभी अनिता देवी के बीच अवैध संबंध थे। कुछ दिन पहले जब उसके भाई सियाराम को पता चला तो संजय कुमार के साथ उसका झगड़ा हुआ था।
इस झगड़े के बाद अनिता और संजय ने मिलकर उसके भाई सियाराम साह की हत्या कर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।



