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​सुल्तानपुर जेल में बंद बाराबंकी के युवक ने फंदा लगाकर दी जान, परिजनों ने जांच पर उठाए सवाल

​सुल्तानपुर जेल में बंद बाराबंकी के युवक ने फंदा लगाकर दी जान, परिजनों ने जांच पर उठाए सवाल

सुबेहा/बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के अहिरन मजरे किर्सिया गांव निवासी 20 वर्षीय अमित यादव पुत्र विनोद यादव ने सुल्तानपुर जिला कारागार में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। देर रात कारागार प्रशासन ने परिजनों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन जेल पहुंचे। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद कारागार प्रशासन ने शव परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

बताया जाता है कि करीब एक माह पूर्व अमित यादव अपने रिश्तेदार अमरजीत यादव निवासी तिवारी का पुरवा, थाना जगदीशपुर के यहां गया था। इसी दौरान आदिल का पुरवा, थाना जगदीशपुर निवासी छोटू ने अपनी पुत्री से संबंधित मामले में अमित यादव के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज कर अमित को गिरफ्तार कर सुल्तानपुर जिला कारागार भेज दिया था। जहां बीती रात उसने फांसी लगाकर जान दे दी।

पिता ने पुलिस पर लगाया जल्दबाजी का आरोप

मृतक के पिता विनोद यादव ने आरोप लगाया कि सूचना मिलने पर वह रात में ही परिजनों के साथ कारागार पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें शव नहीं दिखाया। सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव दिखाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जगदीशपुर पुलिस ने मामले की ठीक से जांच किए बिना जल्दबाजी में उनके बेटे को जेल भेज दिया। पुलिस की कथित लापरवाही और जल्दबाजी के कारण उनका बेटा उनसे दूर हो गया।

सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस तैनात

घटना के बाद परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक बेचू सिंह यादव ने बताया कि उन्हें प्रकरण की विस्तृत जानकारी नहीं है। शव आने की सूचना पर एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद सुल्तानपुर जिला कारागार में तैनात पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

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