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​राज्यसभा चुनाव: सपा का तीसरा कैंडिडेट कौन? आलोक रंजन या सलीम शेरवानी के बीच बढ़ा सस्पेंस

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में सबसे बड़ा सस्पेंस अब समाजवादी पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर है. सपा ने तीन नामांकन पत्र खरीदे हैं. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी ने नामांकन दाखिल कर दिया है. तीसरे नाम को लेकर आलोक रंजन और सलीम शेरवानी जैसे नाम चर्चा में रहे, लेकिन अब इस रेस में एक ऐसा नाम भी उछला है, जिसने यूपी की सियासत में हलचल बढ़ा दी है. हालांकि, अखिलेश ने अभी तक साफ नहीं किया है.

​राज्यसभा चुनाव: सपा का तीसरा कैंडिडेट कौन? आलोक रंजन या सलीम शेरवानी के बीच बढ़ा सस्पेंस

तीन पर्चे, दो नाम और एक सस्पेंस

राज्यसभा की 10 सीटों के लिए यूपी में मुकाबला होना है. बीजेपी ने 8 नामांकन पत्र खरीदे हैं और समाजवादी पार्टी की तरफ से तीन पर्चे खरीदे गए. सपा की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी ने आज नामांकन भर दिया है. अब तीसरे नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि अखिलेश 3 या 4 अक्टूबर को तीसरे प्रत्याशी का ऐलान कर सकते हैं. रेस में आलोक रंजन, सलीम शेरवानी के अलावा अरविंद सिंह गोप का भी नाम है.

असली खेल तीसरी सीट का

अब समझिए पूरा नंबर गेम. उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूदा समय में 397 विधायक हैं. राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार को पहली वरीयता के आधार पर जीत के लिए प्रभावी रूप से 37 वोट चाहिए. सपा के मौजूदा विधानसभा संख्या बल के हिसाब से उसके दो उम्मीदवारों को राज्यसभा भेजने के लिए करीब 74 पर्याप्त माने जा रहे हैं. इसके बाद उनके पास करीब 27 अतिरिक्त वोट हैं. इसके अलावा कांग्रेस के दो विधायक हैं.

यानी अपने मौजूदा अतिरिक्त वोटों के अलावा सपा को करीब 11 और विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है. सपा विधायकों का दावा है कि बीजेपी के 20 से अधिक विधायक इस समय सपा के संपर्क में हैं. यही वजह है कि अखिलेश यादव के लिए तीसरा उम्मीदवार चुनना सिर्फ एक टिकट बांटने का फैसला नहीं है बल्कि चेहरा ऐसा होना चाहिए, जिसके नाम पर पार्टी के सभी विधायक एकजुट रहें और दूसरे दलों के विधायकों को लाने की संभावना बने.

बृजभूषण की एंट्री क्यों दिलचस्प?

तीसरे उम्मीदवार के रूप में बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के नाम की भी चर्चा है. हालांकि सपा की तरफ से उनके नाम की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सपा पदाधिकारियों ने ऐसी चर्चा को आधारहीन बताया है, लेकिन बृजभूषण के हालिया बयान ने अटकलों को हवा दी है. एक सवाल के जवाब में बृजभूषण शरण सिंह ने आज कहा, ‘अखिलेश के बिना सब सूना है.’ बृजभूषण, बीजेपी के बड़े नेता हैं और 6 बार के सांसद रह चुके हैं.

बीजेपी भी खाली नहीं बैठेगी

सपा अगर तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो बीजेपी भी अपनी रणनीति बदलेगी. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पहले ही कह चुके हैं कि अगर सपा तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो बीजेपी नौवां उम्मीदवार उतारेगी. हालांकि, सपा ने जैसे ही धनराज परिमल नथवानी को अपना प्रत्याशी बनाया, वैसे ही सारे समीकरण बदल गए.

2024 और 2026 में कितना अंतर?

2024 के राज्यसभा चुनाव में भी सपा ने तीन कैंडिडेट मैदान में उतारा था. तीसरे प्रत्याशी आलोक रंजन को बनाया था. बीजेपी ने आठवां उम्मीदवार संजय सेठ उतारा. फिर सपा के कुछ विधायकों की क्रॉस वोटिंग हुई और बीजेपी के आठवें उम्मीदवार की जीत हुई. आलोक रंजन चुनाव हार गए थे. अब दो साल बाद वही कहानी फिर सामने है, लेकिन इस बार अखिलेश यादव कॉन्फिडेंट हैं. उनका कहना है कि बीजेपी के कई विधायक संपर्क में हैं, लेकिन उन्हें एडजस्ट कैसे करें.

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