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क्या सच में आसमान: से होती है मछलियों की बारिश? जानिए इसके पीछे का हैरान करने वाला विज्ञान.

क्या सच में आसमान: से होती है मछलियों की बारिश? जानिए इसके पीछे का हैरान करने वाला विज्ञान.

नई दिल्ली: बारिश के दौरान अगर अचानक आसमान से पानी की जगह छोटी-छोटी मछलियां गिरने लगें तो यह नजारा किसी रहस्य से कम नहीं लगेगा। दुनिया के कुछ हिस्सों में ऐसी घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं, जिन्हें आम बोलचाल में ‘मछलियों की बारिश’ कहा जाता है। लेकिन क्या वाकई मछलियां आसमान में बनती हैं और फिर बारिश के साथ धरती पर गिरती हैं? इसका जवाब विज्ञान के पास है।

दरअसल, कुछ खास मौसम संबंधी परिस्थितियों में तेज हवाएं और शक्तिशाली तूफानी सिस्टम पानी की सतह के बेहद करीब मौजूद छोटी मछलियों, मेंढकों या अन्य छोटे जलीय जीवों को पानी के साथ ऊपर उठा सकते हैं। इसके बाद तेज हवाएं उन्हें काफी दूर तक ले जा सकती हैं।

कैसे आसमान तक पहुंचती हैं मछलियां?

समुद्र, झील या नदी के ऊपर जब बहुत तेज हवाओं के साथ शक्तिशाली तूफान बनता है, तो पानी की सतह पर मौजूद छोटे जीव हवा के तेज दबाव और उठती जलधारा की चपेट में आ सकते हैं। कई बार ये जीव पानी के साथ ऊपर उठ जाते हैं।

अगर हवा की रफ्तार और दिशा अनुकूल हो, तो ये जीव कुछ दूरी तक हवा में बह सकते हैं। जब तूफानी स्थिति कमजोर पड़ती है या बारिश शुरू होती है, तो ये जीव पानी की बूंदों के साथ नीचे गिर सकते हैं। इसी वजह से लोगों को ऐसा लगता है कि मछलियों की बारिश हो रही है।

क्या यह घटना बहुत आम है?

नहीं। ऐसी घटनाएं बेहद दुर्लभ मानी जाती हैं और हर जगह नहीं होतीं। आमतौर पर इनके लिए विशेष मौसम परिस्थितियों की जरूरत होती है। यही कारण है कि जब किसी इलाके में अचानक बड़ी संख्या में छोटी मछलियां जमीन पर दिखाई देती हैं, तो यह लोगों के लिए हैरानी का विषय बन जाता है।

क्या मछलियां बादलों में पैदा होती हैं?

ऐसा बिल्कुल नहीं है। मछलियां बादलों के अंदर पैदा नहीं होतीं और न ही वे सामान्य बारिश का हिस्सा होती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना तेज हवाओं, तूफानी गतिविधियों और जलस्रोतों से छोटे जीवों के ऊपर उठने से जुड़ी मानी जाती है।

इसलिए ‘आसमान से मछलियों की बारिश’ सुनने में भले ही किसी रहस्यमयी घटना जैसी लगे, लेकिन इसके पीछे मौसम और वायुमंडलीय गतिविधियों से जुड़ा एक प्राकृतिक वैज्ञानिक कारण हो सकता है।

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