
मथुरा: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। घटना से पहले के CCTV फुटेज सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्रेमानंद महाराज की किडनी की सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच कराने की मांग की है।
रसिक दुलारी शरण की मौत से पहले का चौथा CCTV फुटेज
रसिक दुलारी शरण की मौत से पहले का एक और CCTV फुटेज सामने आने की खबर है। बताया जा रहा है कि फुटेज में वह गो कृपा कुंज के कमरे से निकलकर सीढ़ियों और गैलरी की ओर जाते दिखाई देते हैं। इस फुटेज को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।
हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों के आधार पर उनकी चोट या मौत की वजह के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। मामले की वास्तविक परिस्थितियों का पता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही चल सकेगा।
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज कौन हैं?
आशुतोष ब्रह्मचारी श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। वह मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले में सक्रिय रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका संबंध जगद्गुरु रामभद्राचार्य से भी रहा है और उन्होंने वर्ष 2022 में उनसे दीक्षा ली थी।
रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में आशुतोष ब्रह्मचारी ने मथुरा के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने वृंदावन स्थित श्री राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े मामलों की जांच कराने की मांग भी उठाई है।
प्रेमानंद महाराज की किडनी की जांच की मांग क्यों?
आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक, उन्होंने जुलाई 2024 में भी तत्कालीन जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की किडनी की सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की थी। अब उन्होंने दोबारा यह मांग उठाई है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सरकारी जांच की मांग अपने आप में किसी बीमारी या आरोप की पुष्टि नहीं करती। प्रेमानंद महाराज की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए विश्वसनीय चिकित्सकीय जानकारी आवश्यक है।
25 सितंबर को हुई थी रसिक दुलारी शरण की मौत
रिपोर्ट के अनुसार, रसिक दुलारी शरण, जिनका मूल नाम दीपक लोधी बताया गया है, 25 सितंबर को वृंदावन स्थित गो कृपा कुंज की इमारत की चौथी मंजिल से गिर गए थे। इस घटना में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। घटना से पहले क्या हुआ था और मौत के पीछे की परिस्थितियां क्या थीं, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल, इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग और नए CCTV फुटेज को लेकर चर्चा जारी है। पुलिस की जांच और आधिकारिक निष्कर्षों से ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।



