
लुधियाना: चीन से सस्ते सेकंड-हैंड और रीफर्बिश्ड आईफोन मंगाकर भारतीय बाजार में ऊंचे दाम पर बेचने का लालच देकर एक कारोबारी से 22 लाख 20 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कारोबार में साझेदारी और मोटे मुनाफे का भरोसा दिलाकर रकम ली, लेकिन न तो आईफोन की खेप पहुंचाई और न ही निवेश की राशि लौटाई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी सुरिंदर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
चीन से सस्ते आईफोन मंगाने का दिया था झांसा
शिकायतकर्ता सुनील कुमार के अनुसार, सुरिंदर सिंह ने उनसे जान-पहचान बढ़ाई और खुद को अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कारोबार से जुड़ा बताया। आरोपी ने दावा किया कि चीन में उसकी सीधी पहुंच है और वहां से बड़ी संख्या में सेकंड-हैंड तथा रीफर्बिश्ड आईफोन कम कीमत पर मंगवाए जा सकते हैं।
आरोप था कि इन फोन को भारत में अधिक कीमत पर बेचकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। कारोबारी को इस प्रस्ताव में फायदा नजर आया और उसने साझेदारी के तहत रकम लगाने का फैसला किया।
अलग-अलग किस्तों में दिए 22.20 लाख रुपये
शिकायत के मुताबिक, सुनील कुमार ने अलग-अलग समय पर कुल 22 लाख 20 हजार रुपये आरोपी को सौंप दिए। रकम लेने के बाद आरोपी कथित तौर पर आईफोन की खेप मंगवाने के नाम पर समय टालता रहा।
काफी समय बीतने के बावजूद न तो फोन की डिलीवरी हुई और न ही निवेश की रकम का स्पष्ट हिसाब दिया गया। जब कारोबारी ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोप है कि आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया।
पुलिस जांच के बाद दर्ज हुआ मामला
इसके बाद सुनील कुमार ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। मामले की जांच के बाद पुलिस ने सुरिंदर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
अब मामले में आगे की जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि रकम किस उद्देश्य से ली गई थी, उसका इस्तेमाल कहां हुआ और कथित धोखाधड़ी में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
कारोबार में निवेश से पहले बरतें सावधानी
यह मामला कारोबार में असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं को लेकर सावधान करता है। किसी भी व्यापारिक साझेदारी में बड़ी रकम लगाने से पहले संबंधित व्यक्ति की व्यावसायिक पृष्ठभूमि, आयात से जुड़े दस्तावेज, भुगतान की शर्तें और लिखित समझौते की जांच करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।



