
चंदौसी (संभल): उत्तर प्रदेश के चंदौसी में चर्चित राहुल हत्याकांड में अब न्यायिक कार्रवाई आगे बढ़ने जा रही है। जनपद न्यायाधीश की अदालत में मामले की सुनवाई 22 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इस दिन मुकदमे के वादी और तत्कालीन उपनिरीक्षक ओम शर्मा की गवाही दर्ज की जाएगी। मामले में कुल 38 गवाह हैं, जिनमें मृतक राहुल के बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में सुनवाई के दौरान उनकी गवाही को अहम माना जा रहा है।
इस हत्याकांड ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस के आरोपों के मुताबिक, राहुल की पत्नी रूबी ने अपने कथित प्रेमी गौरव के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव को ग्राइंडर से काटकर अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया और पहचान छिपाने के लिए अंगों को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया। फिलहाल दोनों आरोपित जेल में बंद हैं। हालांकि, अदालत में आरोपों की पुष्टि गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।
आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार, चंदौसी के चुन्नी मोहल्ले में रहने वाले राहुल की 18 नवंबर 2025 को हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि राहुल ने अपनी पत्नी रूबी और गौरव को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद उनके बीच विवाद और मारपीट हुई। बताया गया कि राहुल ने दोनों को मोहल्ले में बदनाम करने की धमकी भी दी थी।
आरोप है कि इसी विवाद के बाद रूबी और गौरव ने राहुल पर हथौड़े और लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य मिटाने की कथित कोशिश की गई। मामले में सामने आए इन आरोपों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था।
नाले में मिला था शव, कई अंग अब तक नहीं मिले
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए। राहुल का धड़ पतरौआ गांव के नाले में फेंक दिया गया, जबकि सिर, हाथ-पैर समेत अन्य अंग गंगा में बहाए जाने का आरोप है। 15 दिसंबर 2025 को पतरौआ गांव के नाले से राहुल का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था।
पुलिस को धड़ मिल गया था, लेकिन गंगा में बहाए गए सिर और अन्य अंग बरामद नहीं हो सके। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित वारदात के बाद रूबी ने थाने पहुंचकर राहुल की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने रूबी और गौरव को आरोपित बनाया।
38 गवाहों और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर चलेगा मुकदमा
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित के अनुसार, मुकदमे में उपनिरीक्षक ओम शर्मा सहित कुल 38 गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। इनमें राहुल के बच्चे भी शामिल हैं। अदालत में गवाहों के बयान इस मामले की सुनवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस की ओर से आरोपपत्र में गवाहों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विशेषज्ञों की राय और आरोपितों के म



