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फैटी लिवर और बढ़े हुए SGPT-GGT: को कैसे करें कंट्रोल? डाइट में शामिल करें ये चीजें, बदलें रोजाना की 5 आदतें

फैटी लिवर और बढ़े हुए SGPT-GGT: को कैसे करें कंट्रोल? डाइट में शामिल करें ये चीजें, बदलें रोजाना की 5 आदतें

हेल्थ डेस्क: खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, बढ़ता वजन और शराब का सेवन लिवर की सेहत पर असर डाल सकते हैं। आजकल कई लोगों की जांच में फैटी लिवर और लिवर एंजाइम बढ़े हुए पाए जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि खान-पान में क्या बदलाव किए जाएं, जिससे लिवर स्वस्थ रहे और जांच की रिपोर्ट में सुधार हो सके।

SGPT को ALT और GGPT को आमतौर पर GGT कहा जाता है। ये ऐसे एंजाइम हैं जिनका स्तर खून की जांच में मापा जाता है। इनका बढ़ना लिवर में सूजन या चोट समेत कई स्थितियों से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, केवल इनकी रिपोर्ट के आधार पर बीमारी का कारण तय नहीं किया जा सकता। सही वजह जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरी जांच महत्वपूर्ण हैं।

1. फाइबर से भरपूर चीजें खाएं

लिवर की सेहत के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, दालें, बीन्स और साबुत अनाज शामिल करें। इनमें मौजूद फाइबर पेट को स्वस्थ रखने के साथ वजन नियंत्रित करने में भी मदद कर सकता है।

यदि आपका वजन ज्यादा है, तो धीरे-धीरे वजन कम करने से फैटी लिवर में सुधार हो सकता है। हालांकि, सिर्फ सलाद खाने या किसी एक खास चीज को डाइट में शामिल करने से लिवर की बीमारी ठीक होने की गारंटी नहीं है।

2. तली-भुनी और ज्यादा चीनी वाली चीजें कम करें

बार-बार तला हुआ भोजन, फास्ट फूड, बेकरी उत्पाद और अधिक चीनी वाले पेय लेने से अतिरिक्त कैलोरी बढ़ सकती है। इससे वजन बढ़ने और लिवर में फैट जमा होने का जोखिम बढ़ सकता है।

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए इन बदलावों पर ध्यान दें:

  • डीप फ्राइड चीजों की जगह उबला, भाप में पका या कम तेल में तैयार भोजन चुनें।
  • मीठे पेय, सोडा और पैक्ड जूस का सेवन सीमित करें।
  • मिठाई और ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थ कम खाएं।
  • भोजन में सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल करें।
  • घी और तेल का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार सीमित मात्रा में करें।

मसालेदार भोजन हर व्यक्ति में लिवर की समस्या पैदा नहीं करता। मुख्य ध्यान संतुलित डाइट, कुल कैलोरी और वजन नियंत्रित रखने पर होना चाहिए।

3. पर्याप्त पानी पिएं

दिनभर पर्याप्त पानी पीना शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। हालांकि, पानी पीने की जरूरत मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। हर व्यक्ति के लिए एक ही मात्रा तय नहीं की जा सकती।

यह भी ध्यान रखें कि ज्यादा पानी पीने से लिवर में जमा फैट सीधे बाहर नहीं निकलता और न ही बढ़े हुए एंजाइम तुरंत सामान्य होते हैं। पानी को स्वस्थ दिनचर्या का हिस्सा मानें, किसी तरह का लिवर डिटॉक्स उपचार नहीं।

4. रोजाना शारीरिक गतिविधि करें

नियमित व्यायाम फैटी लिवर में सुधार और वजन नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। शुरुआत रोजाना 20 से 30 मिनट की तेज चाल से चलने से की जा सकती है। अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाएं।

यदि स्वास्थ्य अनुमति देता है, तो सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाला व्यायाम करने का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसके साथ सप्ताह में दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम भी फायदेमंद हो सकते हैं।

खाने के बाद थोड़ी देर टहलना भी अच्छी आदत है। लेकिन बहुत ज्यादा थकाने वाला व्यायाम शुरू करने से पहले, खासकर यदि पहले से कोई बीमारी है, डॉक्टर से सलाह लें।

5. शराब से दूरी बनाएं और वजन पर ध्यान दें

शराब लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है। यदि SGPT, ALT या GGT बढ़े हुए हैं, या फैटी लिवर का पता चला है, तो शराब से बचने के बारे में डॉक्टर से स्पष्ट सलाह लें। शराब से जुड़ी निर्भरता होने पर इसे छोड़ने के लिए चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी हो सकता है।

यदि वजन अधिक है, तो धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से वजन घटाने की कोशिश करें। तेजी से वजन घटाने वाले उपाय या लंबे समय तक भूखे रहने वाली डाइट अपनाने से बचें।

SGPT और GGT बढ़ने पर क्या जांच जरूरी है?

SGPT यानी ALT और GGT का स्तर बढ़ने के पीछे फैटी लिवर के अलावा शराब का सेवन, कुछ दवाएं, वायरल हेपेटाइटिस और अन्य लिवर या पित्त नली से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए रिपोर्ट में एंजाइम बढ़े मिलने पर स्वयं इलाज शुरू करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें।

डॉक्टर जरूरत के अनुसार लिवर फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, अन्य खून की जांच या अतिरिक्त परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं। यदि किसी दवा या सप्लीमेंट से समस्या होने की आशंका है, तो उसकी जानकारी डॉक्टर को दें। निर्धारित दवाएं खुद से बंद न करें।

कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए?

यदि आंखों या त्वचा में पीलापन, पेट में सूजन, लगातार उल्टी, तेज पेट दर्द, असामान्य उनींदापन या भ्रम जैसे लक्षण दिखाई दें, तो जल्द चिकित्सा सहायता लें। ये लिवर या किसी दूसरी गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं।

सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। फैटी लिवर और बढ़े हुए लिवर एंजाइम का कारण हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। सही जांच और उपचार के लिए डॉक्टर से परामर्श लें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट को स्वयं शुरू या बंद न करें।

contact.satyareport@gmail.com

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