
प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में घरेलू विवाद के दौरान एक व्यक्ति पर अपनी पत्नी की ईंट से वार कर हत्या करने का आरोप है। घटना फतनपुर थाना क्षेत्र के पटहटिया कला गांव की है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी पति ने घर में नकाबपोश बदमाशों के घुसने और लूटपाट के दौरान पत्नी की हत्या किए जाने की कहानी बताई थी। हालांकि, जांच में उसकी कहानी संदिग्ध पाई गई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मृतका की पहचान 44 वर्षीय मंजू देवी के रूप में हुई है। उनके पति अजय कुमार यादव टाइनी संचालक हैं। परिजनों के अनुसार, पति की शराब पीने की आदत और दूसरी महिलाओं से कथित संबंधों को लेकर दंपती के बीच अक्सर विवाद होता था। मंजू इसका विरोध करती थीं, जिससे घर में तनाव बना रहता था।
झगड़े के दौरान बढ़ा विवाद, पत्नी की मौत
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, घटना वाली रात अजय और मंजू के बीच कमरे में विवाद हुआ। बताया गया कि झगड़े के दौरान मंजू ने पति पर डंडे से वार किया। इसके बाद अजय ने कथित तौर पर ईंट से उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस मामले की जांच के दौरान घटनाक्रम और आरोपी के बयानों का मिलान कर रही थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पति पर हत्या का आरोप लगा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
नकाबपोश बदमाशों के हमले की बताई कहानी
आरोप है कि पत्नी की हत्या के बाद अजय ने पुलिस को सूचना दी कि रात करीब दो बजे चार नकाबपोश बदमाश लूटपाट के इरादे से घर में घुसे थे। उसने दावा किया कि बदमाशों ने उसकी पत्नी को नशीला पदार्थ सुंघाकर अचेत कर दिया और विरोध करने पर उसके सिर पर वार किया। उसके मुताबिक, शोर सुनकर जब वह जागा तो आरोपी मौके से भाग चुके थे।
हालांकि, पुलिस को शुरुआती पड़ताल में इस कहानी पर संदेह हुआ। अधिकारियों ने घटनास्थल और बयानों की जांच की। इसके बाद पुलिस का संदेह पति पर गहराया और जांच में उसी की भूमिका सामने आने की बात कही गई।
पुलिस ने आरोपी पति को किया गिरफ्तार
सीओ रानीगंज प्रशांत राज के अनुसार, पुलिस को शुरुआत से ही पति के बताए घटनाक्रम पर संदेह था। जांच-पड़ताल के बाद उसे हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवाद के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान खींचा है। हालांकि, हत्या के मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।
सत्यम रिपोर्ट का अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के प्रारंभिक बयानों पर आधारित है। मामले में आरोपित की दोषसिद्धि का अंतिम निर्णय अदालत द्वारा किया जाएगा।



