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LDL कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद कर सकते हैं ये 7 फूड्स, जानिए ओट्स से लेकर नट्स तक क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च

LDL कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद कर सकते हैं ये 7 फूड्स, जानिए ओट्स से लेकर नट्स तक क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च

शरीर में कोलेस्ट्रॉल का होना जरूरी है, क्योंकि यह कोशिकाओं के निर्माण, हार्मोन बनाने और कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। लेकिन जब खून में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा रहता है, तो धमनियों में फैटी जमाव होने और समय के साथ दिल की बीमारी व स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में खानपान में बदलाव करके कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, केवल एक खाद्य पदार्थ खाने से कोलेस्ट्रॉल अचानक कम नहीं होता। इसके लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ वजन और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं महत्वपूर्ण हैं। कुछ खाद्य पदार्थों में मौजूद घुलनशील फाइबर और असंतृप्त वसा LDL को कम करने में विशेष रूप से मदद कर सकते हैं।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है कोलेस्ट्रॉल?

कोलेस्ट्रॉल एक वसा जैसा पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल शरीर कोशिकाओं की बाहरी परत और कुछ हार्मोन बनाने में करता है। शरीर अपनी जरूरत का अधिकांश कोलेस्ट्रॉल खुद बनाता है, जबकि भोजन से भी कुछ मात्रा मिल सकती है।

LDL को अक्सर खराब कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, क्योंकि इसका अधिक स्तर धमनियों में प्लाक जमने का कारण बन सकता है। वहीं HDL को अच्छा कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, क्योंकि यह अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को वापस लिवर तक पहुंचाने में मदद करता है। हालांकि, दिल की बीमारी का जोखिम केवल इन दो आंकड़ों से तय नहीं होता; उम्र, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान और अन्य कारक भी महत्वपूर्ण हैं।

LDL कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार हैं ये 7 फूड्स

1. ओट्स और जौ

ओट्स और जौ में बीटा-ग्लूकॉन नाम का घुलनशील फाइबर पाया जाता है। यह पाचन तंत्र में एक जेल जैसी परत बनाकर पित्त अम्लों के पुनः अवशोषण को कम करने में मदद करता है। इसके परिणामस्वरूप लिवर को नए पित्त अम्ल बनाने के लिए खून से अधिक कोलेस्ट्रॉल इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

नाश्ते में सादे ओट्स या भोजन में जौ शामिल करना उपयोगी विकल्प हो सकता है। इनमें अतिरिक्त चीनी डालने के बजाय फल, थोड़े मेवे या बीज मिलाए जा सकते हैं। नियमित सेवन और कुल खानपान की गुणवत्ता इसके लाभ के लिए महत्वपूर्ण हैं।

2. रंग-बिरंगे फल और सब्जियां

सेब, नाशपाती, संतरा और कुछ अन्य फलों में पेक्टिन जैसा घुलनशील फाइबर होता है, जो LDL को कम करने में मदद कर सकता है। सब्जियां और फल विटामिन, खनिज और अन्य लाभकारी पौधों के यौगिक भी प्रदान करते हैं।

फलों का जूस पीने के बजाय उन्हें साबुत खाना बेहतर रहता है, क्योंकि साबुत फल खाने से फाइबर अधिक मिलता है और पेट भी देर तक भरा महसूस हो सकता है। पालक, गाजर, ब्रोकोली, टमाटर और अन्य मौसमी सब्जियों को रोज के भोजन में शामिल करें।

3. दालें और बीन्स

मसूर, चना, राजमा, मटर और अन्य बीन्स में घुलनशील फाइबर तथा प्लांट-बेस्ड प्रोटीन होता है। इन्हें नियमित रूप से खाने से LDL को कम करने और भोजन में सैचुरेटेड फैट की मात्रा घटाने में मदद मिल सकती है, खासकर जब ये अधिक वसा वाले मांस या प्रोसेस्ड मीट की जगह खाई जाएं।

दालों और बीन्स को कम तेल में पकाएं। इन्हें सलाद, सूप या मुख्य भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। बेहतर परिणाम के लिए इन्हें साबुत अनाज, सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ खाएं।

4. नट्स और बीज

बादाम, अखरोट, पिस्ता, अलसी और चिया सीड्स में अलग-अलग मात्रा में फाइबर, असंतृप्त वसा और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में नट्स खाने से LDL को कम करने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

रोजाना एक छोटी मुट्ठी बिना नमक वाले नट्स एक व्यावहारिक विकल्प है। अलसी और चिया सीड्स को दही, ओट्स या दूसरे भोजन में मिलाया जा सकता है। ध्यान रखें कि नट्स में कैलोरी भी अधिक होती है, इसलिए बहुत ज्यादा मात्रा में खाना जरूरी नहीं है।

5. असंतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ

सैचुरेटेड फैट की जगह असंतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ चुनना LDL कम करने की दिशा में उपयोगी बदलाव है। जैतून का तेल, कैनोला तेल, एवोकाडो, नट्स और बीज इसके उदाहरण हैं। सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रदान करती हैं, जो ट्राइग्लिसराइड्स कम करने में मदद कर सकता है।

यह अंतर समझना जरूरी है कि ओमेगा-3 के ट्राइग्लिसराइड्स पर लाभ और LDL पर असर एक जैसे नहीं होते। इसलिए मछली या अन्य स्वस्थ वसा वाले खाद्य पदार्थों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाएं, किसी एक चीज को कोलेस्ट्रॉल का इलाज न समझें।

6. सोया से बने खाद्य पदार्थ

टोफू, एडामेम और बिना चीनी वाला सोया मिल्क प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें कुछ अधिक सैचुरेटेड फैट वाले पशु-आधारित खाद्य पदार्थों की जगह लेने से कुल आहार में सुधार हो सकता है।

सोया का LDL पर असर आमतौर पर सीमित होता है, लेकिन इसे दालों, साबुत अनाज, सब्जियों और नट्स के साथ संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है। सोया उत्पाद चुनते समय उनमें मौजूद अतिरिक्त चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की मात्रा भी देखें।

7. फाइबर और पौधों के स्टेरॉल से भरपूर खाद्य पदार्थ

साबुत अनाज, फलियां, सब्जियां, फल, नट्स और बीज से भरपूर भोजन LDL नियंत्रण में मदद कर सकता है। कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले प्लांट स्टेरॉल और स्टैनॉल आंतों में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करने में मदद करते हैं।

इनका असर मात्रा और नियमित सेवन पर निर्भर करता है। केवल किसी एक खास खाद्य पदार्थ पर ध्यान देने के बजाय पूरे आहार में फाइबर बढ़ाना और सैचुरेटेड फैट कम करना अधिक व्यावहारिक रणनीति है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से बचने के लिए किन चीजों को सीमित करें?

LDL को नियंत्रित करने के लिए केवल अच्छे खाद्य पदार्थ शामिल करना ही नहीं, बल्कि कुछ चीजों की मात्रा कम करना भी जरूरी है।

  • मक्खन, घी और अधिक सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें।
  • प्रोसेस्ड मीट और अधिक वसा वाले लाल मांस की जगह दालें, बीन्स, मछली या अन्य कम सैचुरेटेड फैट वाले प्रोटीन विकल्प चुनें।
  • तली हुई चीजें, पेस्ट्री, बेकरी उत्पाद और फास्ट फूड कम खाएं, खासकर जब उनमें सैचुरेटेड या ट्रांस फैट अधिक हो।
  • मीठे पेय और अतिरिक्त चीनी वाले खाद्य पदार्थ सीमित रखें। इनका असर विशेष रूप से वजन और ट्राइग्लिसराइड्स पर पड़ सकता है।
  • पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय पोषण संबंधी जानकारी पढ़ें।

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

नियमित व्यायाम करें: सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चलना, करने का लक्ष्य रखें। अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे शुरुआत करें।

स्वस्थ वजन बनाए रखें: अतिरिक्त वजन होने पर धीरे-धीरे वजन कम करने से कोलेस्ट्रॉल और अन्य मेटाबॉलिक संकेतकों में सुधार हो सकता है।

धूम्रपान से दूर रहें: धूम्रपान हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। इसे छोड़ने से हृदय संबंधी जोखिम कम करने में मदद मिलती है।

नींद और तनाव का ध्यान रखें: पर्याप्त नींद लें और तनाव से निपटने के लिए नियमित दिनचर्या, आराम या ध्यान जैसी गतिविधियां अपनाएं।

लिपिड प्रोफाइल की जांच कराएं: केवल लक्षणों के आधार पर कोलेस्ट्रॉल का पता नहीं चलता। डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच कराते रहें, खासकर यदि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास हो।

याद रखें, यदि LDL बहुत अधिक है या हृदय रोग का जोखिम ज्यादा है, तो केवल डाइट में बदलाव पर्याप्त नहीं हो सकता। डॉक्टर की सलाह के बिना कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा बंद न करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। खाद्य पदार्थों का असर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और पूरे आहार पर निर्भर करता है। कोलेस्ट्रॉल की जांच, उपचार या दवा में बदलाव के लिए योग्य चिकित्सक से सलाह लें।

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