
लखनऊ: शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में 11 दिनों से फरार चल रही श्रद्धा दुबे को लेकर एक नई चर्चा सामने आई है। खबरों के मुताबिक, श्रद्धा लखनऊ के बजाय सहारनपुर में दर्ज पुराने साइबर ठगी के मामले में आत्मसमर्पण कर सकती है। हालांकि, उसके सरेंडर करने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, उसकी गिरफ्तारी में देरी के कारण लखनऊ पुलिस पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
श्रद्धा दुबे पर शिवा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में आरोप हैं, जबकि वह खुद इन आरोपों को खारिज कर चुकी है। इस बीच, पुलिस की कार्रवाई और उसके अलग-अलग स्थानों पर पहुंचने की खबरों ने मामले को लगातार चर्चा में बनाए रखा है।
शिवा मामले में गिरफ्तारी अब भी चुनौती
लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में श्रद्धा दुबे मुख्य आरोपित बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, वह पिछले 11 दिनों से पुलिस की पकड़ से बाहर है। इस दौरान उसके नेपाल जाने, फिर भारत लौटने और आगरा समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
श्रद्धा ने एक समाचार एजेंसी को दिए बयान में शिवा की मौत को आत्महत्या बताया था और खुद को निर्दोष कहा था। उसके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को अब तक उसकी गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिलने के कारण मामले की जांच और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
DCP, ACP और इंस्पेक्टर पर हो चुकी है कार्रवाई
श्रद्धा और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने के बीच लखनऊ पुलिस विभाग में कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। पहले हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
सोमवार को एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा का भी तबादला कर दिया गया। लगातार हुई इन कार्रवाइयों के बावजूद फरार आरोपितों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सहारनपुर के साइबर ठगी मामले में सरेंडर की चर्चा
श्रद्धा दुबे के खिलाफ सहारनपुर में साइबर ठगी का एक पुराना मामला भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में उसे 30 अक्टूबर को सहारनपुर की अदालत में पेश होना है। पुलिस ने लखनऊ स्थित उसके फ्लैट पर भी नोटिस चस्पा किया है।
इसी घटनाक्रम के आधार पर यह संभावना जताई जा रही है कि श्रद्धा शिवा शर्मा मामले के बजाय सहारनपुर के पुराने मामले में आत्मसमर्पण कर सकती है। हालांकि, यह फिलहाल एक संभावना है। श्रद्धा की ओर से सरेंडर की कोई पुष्ट घोषणा सामने नहीं आई है।
अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर
इस पूरे मामले में दो अलग-अलग कानूनी पहलू हैं। पहला, शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच और उससे जुड़े आरोपों का निपटारा। दूसरा, सहारनपुर में दर्ज साइबर ठगी के मामले में होने वाली कानूनी कार्रवाई।
यदि श्रद्धा सहारनपुर की अदालत में पेश होती है या आत्मसमर्पण करती है, तो उससे जुड़े घटनाक्रम का असर आगे की जांच पर भी पड़ सकता है। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी या सरेंडर को लेकर किसी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। सरेंडर की संभावना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सभी आरोपों और संबंधित पक्षों के दावों का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।



