भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती दो टी20 मुकाबलों में उनका प्रदर्शन काफी महंगा साबित हुआ। ऐसे में भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने उनका समर्थन करते हुए बताया कि इस समय भुवनेश्वर के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है। मोर्कल ने साफ कहा कि उन्हें बाहरी उम्मीदों और दबाव को नजरअंदाज करके अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान देना चाहिए।

चार साल बाद वापसी करना आसान नहीं
भुवनेश्वर कुमार ने करीब चार साल बाद भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी की है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने दोबारा चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद उन्हें शुरुआती मुकाबलों में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में भुवनेश्वर ने बिना विकेट लिए 49 रन दिए, जबकि दूसरे मुकाबले में उन्होंने 50 रन खर्च करके एक विकेट हासिल किया।
इस तरह दो मैचों में उन्होंने कुल 99 रन दिए और केवल एक विकेट उनके खाते में आया। 26 अक्टूबर को तीसरे टी20 मुकाबले से पहले मोर्कल ने उनकी स्थिति पर बात की। उन्होंने माना कि लंबे अंतराल के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ी से काफी उम्मीदें की जाती हैं। ऐसे में तुरंत शानदार प्रदर्शन करने का दबाव भी बढ़ जाता है।
मोर्कल ने बताई भुवनेश्वर की सबसे बड़ी चुनौती
मोर्ने मोर्कल के मुताबिक, भुवनेश्वर कुमार के पास जरूरी कौशल और अनुभव की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आईपीएल में बेहतरीन गेंदबाजी की है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव अलग होता है। मोर्कल ने कहा कि चार साल बाद वापसी करने पर उम्मीदों का दबाव स्वाभाविक है। इसलिए भुवनेश्वर कुमार को सबसे पहले इस दबाव से बाहर निकलना होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि टीम में चयन से पहले भुवनेश्वर कुमार के पास मैच की परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार करने के लिए ज्यादा समय नहीं था। कोच का मानना है कि खिलाड़ी को अपनी लय हासिल करने के लिए कुछ मुकाबलों का समय मिलना चाहिए। हर मैच में बेहतर होने की कोशिश करना जरूरी है, लेकिन परिणाम के बारे में जरूरत से ज्यादा सोचने से बचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
भुवनेश्वर को दी अपने खेल पर भरोसा रखने की सलाह
मोर्कल ने भुवनेश्वर कुमार को सलाह दी कि वह किसी चीज के पीछे भागने के बजाय अपने स्वाभाविक अंदाज में गेंदबाजी करें। उन्हें बाहरी आलोचनाओं और लोगों की उम्मीदों से प्रभावित हुए बिना अपनी योजना पर भरोसा रखना चाहिए। अब भारतीय टीम की नजर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले पर है। टीम सीरीज में शुरुआती दो मैच जीतकर आगे चल रही है। ऐसे में भुवनेश्वर के पास अपनी लय वापस पाने और टीम के लिए उपयोगी प्रदर्शन करने का मौका होगा।



