
नई दिल्ली: ब्रिटेन में तेज रफ्तार और सड़क पर रेस लगाने के खतरनाक नतीजे सामने आए हैं। उत्तरी इंग्लैंड में BMW और Audi कारों के बीच कथित रेस के दौरान एक महिला और उसकी चार साल की बेटी की जान चली गई थी। इस मामले में भारतीय मूल के दो लोगों को कुल 28 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोनों को खतरनाक ड्राइविंग के कारण हुई मौतों के लिए दोषी ठहराया।
यह हादसा जनवरी 2023 में स्कॉट हॉल रोड पर हुआ था। उस समय 27 वर्षीय जस्टिना हुल्बोज अपनी चार साल की बेटी लीना जेपजोर के साथ पैदल जा रही थीं। अदालत में सामने आए तथ्यों के अनुसार, 29 वर्षीय हरदीप भाचू की Audi TT RS कार अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ गई और मां-बेटी को टक्कर मार दी। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
40 मील की सीमा वाली सड़क पर 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार
मामले की सुनवाई के दौरान बताया गया कि हादसे से कुछ समय पहले हरदीप भाचू अपनी Audi और 37 वर्षीय कार सेल्समैन जसकमल रियात अपनी BMW M135i में एक-दूसरे के साथ तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहे थे। सड़क पर अधिकतम गति सीमा 40 मील प्रति घंटा थी, जबकि भाचू की कार की रफ्तार करीब 90 मील प्रति घंटा बताई गई।
अदालत में पेश किए गए डैशकैम और अन्य रिकॉर्डिंग से दोनों के बीच रेस लगाए जाने के आरोपों को समर्थन मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रैफिक सिग्नल पर दोनों की बातचीत हुई थी। इसके बाद वे तेज रफ्तार में आगे बढ़े। इसी दौरान भाचू ने कार पर नियंत्रण खो दिया और वाहन फुटपाथ पर चढ़कर मां-बेटी से टकरा गया।
एक आरोपी ने कबूला जुर्म, दूसरे ने किया इनकार
रिपोर्ट के अनुसार, हरदीप भाचू ने जून 2024 में खतरनाक ड्राइविंग से मौत का कारण बनने का अपराध स्वीकार कर लिया था। अदालत ने उसे 12 साल की जेल की सजा सुनाई।
दूसरी ओर, जसकमल रियात ने अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया था। हालांकि, मुकदमे के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर उसे भी खतरनाक ड्राइविंग से दो लोगों की मौत का कारण बनने के आरोपों में दोषी ठहराया गया। उसे 16 साल की जेल की सजा दी गई। इस तरह दोनों को मिलाकर कुल 28 साल की कैद हुई।
छह साल तक ड्राइविंग पर भी रोक
अदालत ने दोनों पर छह-छह साल तक वाहन चलाने पर प्रतिबंध भी लगाया है। प्रतिबंध के बाद दोबारा ड्राइविंग की अनुमति पाने के लिए उन्हें निर्धारित ड्राइविंग परीक्षाएं पास करनी होंगी।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश रे सिंह ने सड़क पर रेस लगाने के खतरों पर जोर देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कें रेस ट्रैक नहीं हैं और तेज रफ्तार में प्रतिस्पर्धा करने के परिणाम जानलेवा हो सकते हैं।
वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस की मेजर कोलिजन जांच टीम के अधिकारी पॉल कॉनरॉय ने भी कहा कि दोनों की हरकतों के कारण एक महिला और उसकी छोटी बेटी की जान चली गई। उन्होंने कहा कि किसी भी सजा से परिवार को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि सार्वजनिक सड़कों पर तेज रफ्तार और दूसरे वाहन से मुकाबला करने की कोशिश कितनी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
Satya Report नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। सजा और मामले से जुड़ी जानकारी संबंधित अदालती कार्यवाही की रिपोर्टों पर आधारित है।



