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​कहीं आपके साथ न हो जाए नोएडा की महागुन सोसाइटी जैसा हादसा, सबक लेना क्यों जरूरी?

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन माइवुड्स सोसाइटी में हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया है. बालकनी से गिरकर पिता और 11 साल के बेटे की मौत के बाद हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पूजा के लिए बालकनी में फूल तोड़ते समय पहले बच्चे का संतुलन बिगड़ा और उसे बचाने की कोशिश में पिता भी 23वीं मंजिल से नीचे गिर गए. एक पल की इस घटना ने हंसतेखेलते परिवार को उजाड़ दिया.

​कहीं आपके साथ न हो जाए नोएडा की महागुन सोसाइटी जैसा हादसा, सबक लेना क्यों जरूरी?

यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तमाम ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है. अक्सर लोग घर की बालकनी को खूबसूरत बनाने, पौधे लगाने और बैठने की जगह के रूप में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उसकी सुरक्षा पर उतना ध्यान नहीं देते. ऐसे में जरूरी है कि कुछ छोटीछोटी सावधानियां अपनाकर बच्चों और परिवार को सुरक्षित रखा जाए.

बालकनी में स्टूल और कुर्सी रखना पड़ सकता है भारी

हाईराइज सोसाइटियों में बालकनी का इस्तेमाल अक्सर पौधे लगाने और कपड़े सुखाने के लिए किया जाता है. कई परिवार बालकनी में कुर्सी, स्टूल, छोटी सीढ़ी और भारी गमले भी रखते हैं. यही सामान बच्चों के लिए खतरा बन सकता है. बच्चे इन चीजों पर चढ़कर बाहर देखने या पौधों तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं.

इसलिए बालकनी की रेलिंग के पास ऐसा कोई सामान नहीं रखना चाहिए, जिस पर चढ़कर बच्चा आसानी से रेलिंग तक पहुंच सके. बच्चों को बालकनी में कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए. उन्हें रेलिंग पर चढ़ने, उस पर झुकने या बाहर की तरफ देखने के लिए रेलिंग का सहारा लेने से रोकना जरूरी है.

खिड़कियों और बालकनी में लगवाएं सुरक्षा गार्ड

ऊंची इमारतों में रहने वाले परिवारों को बालकनी और खिड़कियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए. खिड़कियों पर मजबूत सेफ्टी गार्ड और बच्चों की पहुंच को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा लॉक लगवाए जा सकते हैं. बालकनी की रेलिंग मजबूत होनी चाहिए और उसमें ऐसी खाली जगह नहीं होनी चाहिए, जहां से बच्चा फिसलकर नीचे जा सके. बालकनी को सुरक्षित तरीके से कवर करने की व्यवस्था भी की जा सकती है. हालांकि, सुरक्षा के लिए लगाई जाने वाली ग्रिल या जाली मजबूत होनी चाहिए और उसका सही तरीके से रखरखाव भी जरूरी है.

बारिश के बाद बालकनी में बरतें खास सावधानी

बारिश के बाद बालकनी का फर्श गीला और फिसलन भरा हो जाता है. ऐसे में स्टूल या सीढ़ी पर चढ़कर फूल तोड़ना, पौधों की छंटाई करना या बाहर की तरफ झुककर कोई सामान उठाना खतरनाक हो सकता है. बालकनी में पानी जमा न होने दें और फर्श को हमेशा साफ और सूखा रखें. ऊंचाई पर रखे पौधों या सामान तक पहुंचने के लिए रेलिंग, कुर्सी या अस्थिर स्टूल का इस्तेमाल न करें. किसी भी काम के दौरान जल्दबाजी करने से बचें.

RWA और मेंटेनेंस टीम भी निभाए जिम्मेदारी

हाईराइज सोसाइटियों में सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ फ्लैट में रहने वाले परिवारों की नहीं है. अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन , रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और मेंटेनेंस एजेंसियों को भी इस दिशा में कदम उठाने चाहिए. सोसाइटी के सभी टावरों की बालकनी और खिड़कियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराई जानी चाहिए. जहां रेलिंग कमजोर है या उसमें खाली जगह है, वहां तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से सुधार कराया जाना चाहिए. इसके अलावा सोसाइटी में रहने वाले परिवारों को सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देश देने के साथ बच्चों के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाना चाहिए.

पुलिसप्रशासन और बिल्डरों की भी अहम भूमिका

महागुन हादसे के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है. हालांकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिसप्रशासन, विकास प्राधिकरण और बिल्डरों को भी मिलकर काम करना होगा. बिल्डरों और मेंटेनेंस एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इमारतों की बालकनी, खिड़कियों और अन्य खुले हिस्सों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों.

महागुन हादसे ने एक बार फिर याद दिलाया है कि ऊंची इमारतों में रहने के दौरान छोटीछोटी सावधानियां भी बेहद जरूरी हैं. बालकनी में रखी एक कुर्सी, कमजोर रेलिंग या बच्चों को अकेला छोड़ने जैसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. इसलिए घर को खूबसूरत बनाने के साथसाथ उसे सुरक्षित बनाना भी हर परिवार की प्राथमिकता होनी चाहिए.

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