मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर समाज को बांटने वाली ताकतों पर प्रहार करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता को तब खतरा होता है, जब हम जाति, क्षेत्र के नाम पर बंटते और कमजोर होते हैं. सीएम योगी ने कहा, जब शरीर की प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है, तब बीमारी होती है. जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद वही बीमारी है, जो समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती है और फिर आक्रांताओं को हमला करने के लिए आमंत्रित करती हैं. लौह पुरुष का अनुयायी वही हो सकता है जो भारत की एकता, सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्ना को आदर्श मानने, समाज को बांटने वाले विभाजनकारी लोग वल्लभ भाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते. उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में जीपीओ स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रीय एकता दिवस पर लोगों को शपथ दिलाई.
राष्ट्रीय एकता को खतरा कब होता है? जब हम जाति और क्षेत्र के नाम पर बंटे होते हैं… https://t.co/v792rDYAOZ
— Yogi Adityanath October 31, 2026
‘अनुच्छेद370 को हमेशा के लिए दफन कर दिया’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर 2014 के बाद से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में अनवरत आयोजित किया जाता है. इस साल लौह पुरुष की 151वीं जयंती पर डबल इंजन सरकार ने अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं.
सीएम योगी ने कहा, पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भारत वाले कश्मीर में अनुच्छेद370 को लागू कर दिया था. बाबा साहेब ने इसका विरोध किया लेकिन यह पाप कांग्रेस ने किया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद370 को सदैव के लिए दफन कर कश्मीर को भारत का हिस्सा उसी रूप में बना दिया, जैसे उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्य हैं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय एकता के समक्ष चुनौतियां प्रस्तुत करने और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने के प्रयास हो रहे हैं.



