उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछले दिनों हुए करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है. 10 दिन की न्यायिक रिमांड पूरी होने पर हत्यारोपियों श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को कोर्ट में पेश किया गया. इस दौरान लखनऊ पुलिस ने कोर्ट में कस्टडी रिमांड की अर्जी नहीं लगाई. ऐसे में कोर्ट ने तीनों को वापस 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

बता दें कि लखनऊ में कैफे मालिक शिवा शर्मा की नौ अक्टूबर 2026 की रात संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी. वह रायबरेली की रहने वाली मॉडल एवं सोशल मीडिया एंफ्लूएंसर श्रद्धा दुबे के हजरतगंज इलाके में बालू अड्डा स्थित ‘अवध ग्रीन अपार्टमेंट’ की चौथी मंजिल स्थित फ्लैट से गिर गए थे. इस घटना को लेकर शिवा शर्मा ने उनकी गर्लफ्रेंड श्रद्धा दुबे समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था. वहीं घटना के बाद से ही सभी आरोपी फरार हो गए थे.
नागपुर से हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद श्रद्धा दुबे अपनी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश के साथ भागकर नेपाल गई. वहां से उसने दुबई भागने की योजना बनाई थी, लेकिन यह योजना कारगर नहीं हुई. ऐसे में लखनऊ वापस लौटी और मीडिया को बयान देकर फिर फरार हो गई. इसके बाद हरकत में आई यूपी एसटीएफ की टीम ने उसे नागपुर स्थित एक फ्लैट से अरेस्ट किया और लखनऊ लाया गया. यहां कोर्ट ने उसे 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था.
PCR नहीं मांगने पर उठे सवाल
10 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने पर शनिवार को श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया. उम्मीद थी पुलिस इस मौके पर तीनों की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगेगी. यह उम्मीद इसलिए भी थी कि गिरफ्तारी के वक्त पूछताछ में श्रद्धा ने सहयोग नहीं किया था. ऐसे में पुलिस ने खुद कहा था कि कस्टडी रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ होगी. अब कस्टडी रिमांड नहीं मांगने पर तरह तरह के सवाल उठने लगे हैं.
बयान दर्ज करने भी नहीं गई पुलिस
श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश 10 दिनों से जेल में हैं. इन दस दिनों में पुलिस उनके बयान तक दर्ज करने नहीं गई. यहां तक कि श्रद्धा के गायब हुए पुराने मोबाइल फोन एवं अन्य साक्ष्यों की ही पड़ताल की है. श्रद्धा के पास से जो मोबाइल फोन पुलिस ने बरामद किया, वह भी फार्मेट किया हुआ था. ऐसे में पुलिस को कोई सबूत नहीं मिला है.
क्या है श्रद्धा के मोबाइल का सच
श्रद्धा दुबे जब पकड़ी गई तो उसके पास से नया मोबाइल फोन बरामद हुआ. वहीं पुराने फोन के बारे में उसने बताया था कि नेपाल में ही कहीं गिर गया. पुलिस का दावा है कि पुराने फोन को श्रद्धा ने तोड़कर कहीं फेंक दिया. दरअसल, पुलिस उसी फोन के जरिए श्रद्धा के खास मददगार तक पहुंचना चाहती थी, जिसने श्रद्धा को नेपाल भागने, लखनऊ लौटने और फिर नागपुर भागने में मदद की.



