मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित रिहेब सेंटर में रह रहे एक युवक ने संदिग्ध परिस्थिति में सुसाइड कर लिया. घटना की जानकारी होने पर सेंटर में हड़कंप मच गया और मौके पर अफरातफरी मच गई. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने युवक का शव कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इधर, घटना के बाद सेंटर में रह रहे 5060 मरीज प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए बाहर निकले और अपने अपने घर चले गए.

मामला इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक यहां रिहेब सेंटर में सचेंद्र लोधी नामक युवक इलाज के लिए भर्ती था. शनिवार को उसने अपने कमरे में फांसी लगा ली. घटना की जानकारी सेंटर में भर्ती अन्य मरीजों को मिली तो हड़कंप मच गया. मरीजों में अफरातफरी मच गई. आनन फानन में सभी मरीज सेंटर से बाहर आ गए.
जीजा ने लगाया गंभीर आरोप
सूचना मिलने पर पहुंचे सचेंद्र लोधी के जीजा ने बताया कि वह एक महीने पहले इलाज के लिए यहां भर्ती हुआ था. इस दौरान सेंटर प्रबंधन की लापरवाही और बर्बरता की वजह से उसने फांसी लगाई है. वहीं सेंटर में मौजूद अन्य मरीजों ने बताया कि शनिवार को सेंटर में मरीजों की काउंसिलिंग क्लास चल रही थी. इसी दौरान सचेंद्र ने थके होने की बात कहकर क्लास से निकला गया और आराम करने के लिए कमरे में चला गया. जहां उसने फांसी लगाकर जान दे दी.
घबरा गए सभी मरीज
घटना के कुछ देर बाद अन्य मरीज उसके कमरे में पहुंचे तो उसे फांसी पर लटके देखा. उसने जब यह बात अन्य लोगों को बताई तो वहां हड़कंप मच गया. तत्काल पुलिस को सूचना दी गई. इतने में सेंटर में भर्ती सभी मरीज घबरा गए और सेंटर के बाहर निकल आए. इन मरीजों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया और सेंटर छोड़कर अपने अपने घर चले गए. घटना के बाद परिजनों ने सचेंद्र की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है.



