BiharCrimeIndiaTrending

पत्नी​​​ के नाम पर करोड़ों​​​​​ की संपत्ति, सरकारी रिकॉर्ड से गायब जानकारी! बिहार के अधीक्षण अभियंता पर उठे गंभीर सवाल

पत्नी​​​ के नाम पर करोड़ों​​​​​ की संपत्ति, सरकारी रिकॉर्ड से गायब जानकारी! बिहार के अधीक्षण अभियंता पर उठे गंभीर सवाल

पटना, बिहार: भवन निर्माण विभाग के एक अधीक्षण अभियंता की संपत्ति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अधिकारी ने अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी गई करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं कराया। मामला सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मामला भी दर्ज हो सकता है।

दरअसल, बिहार सरकार के मुख्य सचिव स्तर से वर्ष 2021 में ही सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति से जुड़े नियमों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। तत्कालीन मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण की ओर से 26 जून 2021 को जारी पत्र में कहा गया था कि सरकारी सेवकों को अपने नाम के साथ-साथ परिवार के सदस्यों के नाम पर अर्जित अचल संपत्ति की जानकारी भी निर्धारित नियमों के अनुसार सरकार को देनी होगी।

संपत्ति की जानकारी छिपाने पर हो सकती है कार्रवाई

मुख्य सचिव के पत्र के मुताबिक, सरकारी सेवक यदि अपने या परिवार के किसी सदस्य के नाम पर अचल संपत्ति खरीदते हैं, तो निर्धारित परिस्थितियों में इसकी जानकारी सरकार को देना अनिवार्य है। नियमों के तहत तय मूल्य से अधिक की संपत्ति के लेन-देन की सूचना निर्धारित समय सीमा में संबंधित प्राधिकार को उपलब्ध करानी होती है। कुछ मामलों में पहले से अनुमति लेना भी जरूरी है।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया था कि संपत्ति का निर्धारित ब्योरा उपलब्ध नहीं कराना कदाचार माना जा सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित सरकारी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

पत्नी के नाम पर जमीन खरीदने का आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, भवन निर्माण विभाग में पदस्थापित एक अधीक्षण अभियंता पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर पटना के नौबतपुर अंचल में बिहटा-सरमेरा मुख्य सड़क के किनारे व्यावसायिक जमीन खरीदी। बताया गया है कि जून 2023 में चार अलग-अलग प्लॉट के माध्यम से करीब 25 डिसमिल यानी लगभग आठ कट्ठा जमीन का सौदा किया गया था।

दस्तावेजों में इस जमीन का सरकारी मूल्य करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये बताया गया है, जबकि इसकी वास्तविक बाजार कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में अधिकारी की पत्नी को गृहिणी बताया गया है।

पहले संपत्ति का ब्योरा दिया, फिर जानकारी देना बंद किया

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संबंधित अधिकारी ने वर्ष 2022-23 के संपत्ति विवरण में अपनी पत्नी के नाम पर कुछ संपत्तियों की जानकारी दी थी। इसमें हटिया से लेकर दानापुर क्षेत्र तक की संपत्तियों का उल्लेख होने की बात कही गई है।

हालांकि, आरोप है कि वर्ष 2023-24 के बाद अधिकारी ने पत्नी के नाम पर अर्जित संपत्तियों का विवरण देना बंद कर दिया। इसके बजाय सरकारी रिकॉर्ड में यह बताया गया कि उनकी पत्नी स्वयं आयकर रिटर्न दाखिल करती हैं। संपत्ति विवरण में केवल पति-पत्नी के नाम पर लिए गए ऋण का उल्लेख किए जाने की बात भी सामने आई है।

पहले भी अधीक्षण अभियंता के ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

इस मामले के संदर्भ में भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र चौधरी का मामला भी चर्चा में है। निगरानी ब्यूरो ने 16 सितंबर को उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान पटना के नौबतपुर इलाके में बड़ी संपत्ति का पता चलने की जानकारी सामने आई थी।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भवन निर्माण विभाग के कुछ अन्य इंजीनियरों ने पटना और आसपास के इलाकों में अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन और दूसरी संपत्तियां खरीदी हैं। संबंधित अधीक्षण अभियंता की संपत्ति को लेकर भी जांच एजेंसियों तक जानकारी पहुंचने की बात कही गई है।

अब जांच और कार्रवाई पर टिकी नजर

फिलहाल इस मामले में संबंधित अधीक्षण अभियंता के खिलाफ लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और जांच की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। यदि संपत्ति छिपाने और सरकारी नियमों के उल्लंघन के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।

Satya Report नोट: संपत्ति से जुड़े आरोप उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। संबंधित अधिकारी का पक्ष और जांच एजेंसियों की आधिकारिक पुष्टि सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply