
कई बार सिरदर्द को लोग थकान, नींद की कमी या तनाव का नतीजा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार सिरदर्द की वजह यही नहीं होती। लगातार मोबाइल, लैपटॉप या किताबों पर नजरें टिकाए रखने से आंखों पर दबाव पड़ सकता है, जिसका असर माथे, कनपटी और आंखों के आसपास दर्द के रूप में दिखाई दे सकता है।
अगर आपको अक्सर दोपहर या शाम के समय सिरदर्द होता है, खासकर लंबे समय तक स्क्रीन देखने या पढ़ने के बाद, तो आंखों की जांच करवाना जरूरी हो सकता है। आंखों से जुड़ी कुछ समस्याएं भी सिरदर्द की वजह बन सकती हैं। आइए जानते हैं इसके चार प्रमुख कारण और उन संकेतों के बारे में, जिन पर ध्यान देना चाहिए।
आंखों की परेशानी से सिरदर्द क्यों होता है?
आंखों को लगातार किसी वस्तु पर फोकस करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक पढ़ने या स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, सूखापन और असहजता हो सकती है। कुछ लोगों में आंखों के फोकस और दोनों आंखों के तालमेल से जुड़ी समस्याएं भी होती हैं। इन स्थितियों में सिरदर्द महसूस हो सकता है।
हालांकि, सिरदर्द के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल दर्द की जगह या समय के आधार पर इसकी वजह तय नहीं की जा सकती।
आंखों की इन 4 समस्याओं से हो सकता है सिरदर्द
1. चश्मे का नंबर गलत होना
अगर चश्मे का नंबर सही नहीं है या नजर में बदलाव आ गया है, तो साफ देखने के लिए आंखों को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। लंबे समय तक पढ़ने या स्क्रीन देखने के दौरान इससे आंखों में थकान और माथे के आसपास दर्द हो सकता है। बार-बार ऐसी परेशानी होने पर आंखों की जांच करवानी चाहिए।
2. दोनों आंखों के बीच तालमेल की समस्या
किसी किताब को पढ़ते समय या मोबाइल की स्क्रीन देखते हुए दोनों आंखों को एक ही जगह पर फोकस करना होता है। कुछ लोगों में दोनों आंखों के तालमेल में परेशानी होती है। ऐसी स्थिति में पढ़ते समय आंखों में खिंचाव, धुंधलापन, शब्दों का हिलता हुआ महसूस होना और सिरदर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
3. मोबाइल और लैपटॉप का लंबे समय तक इस्तेमाल
लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन और थकान हो सकती है। स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करते समय लोग सामान्य से कम बार पलकें झपकाते हैं। इससे आंखों की नमी कम हो सकती है और जलन, भारीपन, धुंधला दिखना या सिरदर्द महसूस हो सकता है। इसे डिजिटल आई स्ट्रेन भी कहा जाता है।
4. आंखों के अंदर दबाव बढ़ना
आंखों के अंदर तरल पदार्थ का दबाव बढ़ने से ग्लूकोमा जैसी बीमारी हो सकती है। ग्लूकोमा के कई प्रकार होते हैं और शुरुआती अवस्था में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। हालांकि, अचानक आंखों का दबाव बहुत बढ़ने पर तेज दर्द, आंख लाल होना, धुंधला दिखना, रोशनी के आसपास रंगीन घेरे नजर आना और मतली जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
कैसे पहचानें कि सिरदर्द का संबंध आंखों से हो सकता है?
कुछ संकेत आंखों से जुड़ी परेशानी की ओर इशारा कर सकते हैं:
- दोपहर या शाम को दर्द बढ़ना: सुबह परेशानी न होना, लेकिन लंबे समय तक पढ़ने या स्क्रीन देखने के बाद सिरदर्द शुरू होना।
- माथे और आंखों के आसपास दर्द: आंखों के पीछे, दोनों भौंहों के बीच या कनपटी में दर्द और भारीपन महसूस होना।
- आंखों में जलन या सूखापन: सिरदर्द के साथ आंखों में जलन, थकान या बार-बार पानी आने की शिकायत होना।
- धुंधला दिखना: पढ़ते समय अक्षर साफ न दिखना या कुछ देर स्क्रीन देखने के बाद नजर धुंधली होना।
ये संकेत आंखों की समस्या की संभावना बता सकते हैं, लेकिन सिरदर्द का कारण केवल आंखें ही हैं, यह जरूरी नहीं है।
सिरदर्द से बचने के लिए क्या करें?
- स्क्रीन देखते समय बीच-बीच में ब्रेक लें। 20-20-20 नियम अपना सकते हैं: हर 20 मिनट बाद लगभग 20 फीट दूर किसी चीज को 20 सेकंड तक देखें।
- स्क्रीन को आंखों से उचित दूरी पर रखें और उसकी चमक आसपास की रोशनी के अनुसार रखें।
- बार-बार पलकें झपकाएं और आंखों में सूखापन होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
- पर्याप्त नींद लें और दिनभर पानी पीते रहें।
- अगर चश्मा लगाते हैं, तो समय-समय पर आंखों की जांच करवाएं।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
अगर सिरदर्द लगातार हो रहा है या बार-बार लौट रहा है, तो आंखों के विशेषज्ञ से जांच करवाएं। अचानक बहुत तेज सिरदर्द, नजर में अचानक बदलाव, आंखों में तेज दर्द, लालिमा या उल्टी के साथ सिरदर्द होने पर तुरंत मेडिकल मदद लें। अचानक शुरू हुआ असहनीय सिरदर्द, कमजोरी, बोलने में परेशानी या भ्रम जैसी स्थिति भी आपातकालीन संकेत हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है, चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं। सिरदर्द के कई कारण हो सकते हैं। सही वजह जानने और उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।
— Satya Report



