
उत्तर प्रदेश के एक गांव में रहने वाली एक शादीशुदा महिला पिछले करीब दो साल से मानसिक परेशानियों से जूझ रही थी। परिवार ने उसका इलाज कराने की काफी कोशिश की, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने दूसरे लोगों की सलाह पर झाड़-फूंक कराने का फैसला किया। उन्हें क्या पता था कि मदद के नाम पर घर बुलाए जा रहे लोग ही उनकी बेटी की जिंदगी का सबसे दर्दनाक अनुभव बन जाएंगे।
महिला के पिता को गांव के कुछ लोगों ने दो ऐसे बुजुर्गों के बारे में बताया, जो तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक के जरिए परेशानियां दूर करने का दावा करते थे। परिवार ने उन पर भरोसा कर लिया और दोनों को घर बुला लिया।
भूत का डर दिखाकर परिवार को लिया भरोसे में
दोनों बुजुर्गों ने महिला को देखने के बाद परिवार से कहा कि उसके ऊपर किसी बुरी शक्ति का साया है। उन्होंने दावा किया कि सामान्य इलाज से उसकी परेशानी दूर नहीं होगी और इसके लिए विशेष पूजा-पाठ करना पड़ेगा।
इसके बाद उन्होंने महिला के पिता से कहा कि अनुष्ठान के दौरान उसे एक कमरे में अकेले रखना जरूरी होगा। उनकी बातों पर विश्वास करते हुए पिता ने बेटी को उनके साथ कमरे में भेज दिया।
अकेले कमरे में शुरू हुई हैवानियत
कमरे के अंदर पहुंचने के बाद दोनों ने झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र का नाटक शुरू कर दिया। महिला को डराया गया कि उसके ऊपर बुरी शक्ति का प्रभाव है और उसे हटाने के लिए उनकी हर बात माननी होगी।
इसी का फायदा उठाकर दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर महिला के साथ जबरदस्ती की। आरोप है कि दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। बाहर बैठे परिवार को इस बात की भनक तक नहीं थी कि कमरे के अंदर क्या हो रहा है।
काफी देर बाद जब दोनों कमरे से बाहर निकले तो महिला की हालत बेहद खराब थी। वह बेहोशी जैसी स्थिति में पड़ी हुई थी।
होश आया तो पिता को बताई पूरी सच्चाई
दोनों बुजुर्गों के घर से जाने के बाद महिला को होश आया। उसने अपने पिता को बुलाया और रोते हुए कमरे के अंदर हुई पूरी घटना बताई।
बेटी की बात सुनकर पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस भरोसे के साथ उन्होंने उन लोगों को घर बुलाया था, उसी भरोसे का फायदा उठाकर उनकी बेटी के साथ गंभीर अपराध किया गया था।
इसके बाद परिवार ने बिना देर किए पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।
शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ा
पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों बुजुर्ग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच के दौरान पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी थी कि कहीं आरोपियों ने झाड़-फूंक के बहाने पहले भी किसी दूसरी महिला को अपना शिकार तो नहीं बनाया था।
इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि अंधविश्वास और झाड़-फूंक के नाम पर लोगों के भरोसे का किस तरह गलत फायदा उठाया जा सकता है। परिवार जिस उम्मीद से मदद मांगने पहुंचा था, उसे जिंदगी भर न भूलने वाला दर्द झेलना पड़ा।
Satya Report Disclaimer: यह पुरानी घटना पर आधारित पुनर्लेखित कहानी है। इसमें नाम और पहचान बदल दिए गए हैं। घटना से जुड़े आरोपों का उल्लेख उपलब्ध विवरण के आधार पर किया गया है।



