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​बाजार खुलते ही धड़ाम हुआ ये शेयर, मुनाफा घटने से एक झटके में 13% टूटा भाव

Cummins India Share: शेयर बाजार में गुरुवार, 5 नवंबर की सुबह कमिंस इंडिया के शेयरधारकों के लिए भारी नुकसान लेकर आई. बाजार खुलते ही कंपनी के स्टॉक में बिकवाली का ऐसा दबाव बना कि भाव 13 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया. इस तेज गिरावट के पीछे कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे हैं. कंपनी ने जो आंकड़े पेश किए हैं, वे बाजार के जानकारों के अनुमान से काफी पीछे रह गए. खास बात ये रही कि एक दिन पहले तक जिस शेयर में अच्छी खरीदारी दिख रही थी, तिमाही नतीजों के आते ही उसकी चाल पूरी तरह पलट गई.

​बाजार खुलते ही धड़ाम हुआ ये शेयर, मुनाफा घटने से एक झटके में 13% टूटा भाव

बिक्री बढ़ी पर बाजार की उम्मीद से रही कम

कमिंस इंडिया के नतीजों पर गौर करें तो स्टैंडअलोन आधार पर ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 4.1 फीसदी बढ़ा है. इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 3,301 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 3,171 करोड़ रुपये था. कागज पर भले ही बिक्री में बढ़त दिख रही हो, लेकिन बाजार को इससे कहीं ज्यादा की उम्मीद थी. एनालिस्ट पोल में रेवेन्यू 3,536.5 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था. असली आंकड़ा इस अनुमान से 6.66 फीसदी कम निकला.

देश के भीतर के कारोबार के साथसाथ विदेशी बाजार में भी रफ्तार धीमी रही. कंपनी की घरेलू बिक्री सालाना आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 2,692 करोड़ रुपये पर पहुंची. वहीं एक्सपोर्ट से होने वाली बिक्री महज 2 फीसदी की बढ़त के साथ 555 करोड़ रुपये रही. दोनों मोर्चों पर ग्रोथ बहुत मामूली रही, जिसने निवेशकों का उत्साह ठंडा कर दिया.

ऑपरेटिंग मार्जिन से मुनाफे तक गहराया दबाव

तिमाही नतीजों में सबसे बड़ा झटका ऑपरेटिंग स्तर पर लगा है. कंपनी का कामकाजी मुनाफा यानी EBITDA सालाना आधार पर 27.13 फीसदी टूटकर 507 करोड़ रुपये पर आ गया. एक साल पहले की समान तिमाही में ये आंकड़ा 695.75 करोड़ रुपये था. बाजार के जानकार 690 करोड़ रुपये के EBITDA की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन असल नंबर अनुमान से 26.52 फीसदी नीचे रहा.

मार्जिन के मोर्चे पर तस्वीर काफी कमजोर दिखी. पिछले साल सितंबर तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन 21.94 फीसदी था, जो इस बार 658 बेसिस प्वाइंट गिरकर 15.36 फीसदी पर आ गया. आसान भाषा में समझें तो पिछले साल कंपनी हर 100 रुपये की बिक्री पर 21.94 रुपये का कामकाजी मुनाफा कमा रही थी, जो अब घटकर सिर्फ 15.36 रुपये रह गया है. बाजार ने 19.51 फीसदी मार्जिन का अनुमान लगाया था, जिससे असली आंकड़ा 415 बेसिस प्वाइंट कम रहा.

मार्जिन में आई इस गिरावट का सीधा असर कंपनी के शुद्ध मुनाफे पर पड़ा. सालाना आधार पर कमिंस इंडिया का मुनाफा 26.69 फीसदी फिसलकर 467 करोड़ रुपये रह गया. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 637 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था. एनालिस्ट पोल में मुनाफा 625.5 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था, लेकिन कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से 25.34 फीसदी पीछे रह गया. रेवेन्यू में हल्की बढ़त के बावजूद मुनाफे में आई इस गिरावट ने शेयर पर भारी दबाव बनाया.

लागत बढ़ने से बिगड़ा कंपनी का गणित

आखिर बिक्री बढ़ने के बाद भी कंपनी का मार्जिन इतना क्यों टूटा, इस पर मैनेजमेंट ने स्थिति साफ की है. कंपनी के मुताबिक सितंबर तिमाही में कमोडिटी की बढ़ती कीमतों का सीधा असर लागत पर पड़ा. सामान बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल महंगा होने से खर्च बढ़ गया.

इसके अलावा मैनेजमेंट ने दो अन्य प्रमुख कारण बताए हैं. पहला कारण माल ढुलाई यानी फ्रेट के खर्च में हुई बढ़ोतरी है. दूसरा कारण प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव रहा, जिसका मतलब है कि कुल बिक्री में अलगअलग प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बदली है. इन तीनों वजहों ने मिलकर कंपनी के मुनाफे के मार्जिन को निचोड़ दिया.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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