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​सोना हुआ 4800 रुपए महंगा, फिर क्यों गिर रहा है गोल्ड ETF, धनतेरस से पहले लगा झटका?

धनतेरस से पहले सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है. दिल्ली के बाजार में सोना 24 कैरेट वाला सोना 4,800 रुपए बढ़कर 1,46,600 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है. दूसरी ओर गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में गिरावट देखने को मिल रहा है. पिछले एक महीने में गोल्ड ETF करीब 4% तक टूट चुके हैं. ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या धनतेरस पर सोने में निवेश करने का यह सही मौका है?

​सोना हुआ 4800 रुपए महंगा, फिर क्यों गिर रहा है गोल्ड ETF, धनतेरस से पहले लगा झटका?

दरअसल, मिडिल ईस्ट में तनाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ऊंची ब्याज दरों के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. सोना अपने रिकॉर्ड हाई करीब 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम से 1820% से ज्यादा नीचे है. इसलिए गोल्ड ETF में 4% की गिरावट इसी से जुड़ी माना जा रही है. कमोडिटी एक्सपोर्ट अनुज गुप्ता, दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की ओर से लगातार सोने की खरीदारी जारी है. जिससे गोल्ड ETF में निवेश जारी रहने से भविष्य में कीमतों को सहारा मिल सकता है. सबसे बड़ी बात ये है कि हालिया गिरावट के बावजूद पिछले धनतेरस से अब तक सोने ने करीब 8% का रिटर्न दिया है. ये रिटर्न निफ्टी 50 से बेहतर बताया जा रहा है. ऐसे में जो लोग लंबे समय के लिए निवेश का सोच रहे हैं यह उनके लिए सही मौका हो सकता है.

गिरावट के बीच गोल्ड ETF में बढ़ा निवेश

द मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमतों में उतारचढ़ाव के बावजूद गोल्ड ETF में लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है. साल 2025 में दुनियाभर के गोल्ड ETF में करीब 89 अरब डॉलर का निवेश आया था, जबकि 2024 में यह आंकड़ा सिर्फ 3.4 अरब डॉलर था. साल 2026 में भी ट्रेंड जारी है. सितंबर तक गोल्ड ETF में करीब 39 अरब डॉलर का निवेश आ चुका था. भारत में भी निवेशकों ने गोल्ड ETF में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. अक्टूबर में इन फंड्स में करीब 3,300 करोड़ रुपए का निवेश आने का अनुमान है.

गोल्ड ETF में निवेश करना कितना रिस्की?

लंबे समय में गोल्ड ETF ने अच्छा रिटर्न दिया है, लेकिन हालिया गिरावट का असर इनके प्रदर्शन पर भी पड़ा है. 20 अक्टूबर 2025 से अब तक 22 गोल्ड ETF स्कीम ने औसतन 9.22% का रिटर्न दिया है. इनमें निप्पॉन इंडिया गोल्ड ETF BeES ने 12.58% के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन किया. इसके बाद इनवेस्को गोल्ड ETF ने 12.50% और ICICI गोल्ड ETF ने 12.39% का रिटर्न दिया. वहीं, वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक, 26 अक्टूबर 2026 तक गोल्ड ETF कैटेगरी ने इस साल अब तक 6.94%, एक साल में 18.64%, तीन साल में 31.90% और पांच साल में 23.15% का रिटर्न दिया है. हालांकि, पिछले एक महीने का प्रदर्शन कमजोर रहा है. 4 नवंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, धन ऐप पर लिस्टेड सभी 25 गोल्ड ETF स्कीम ने एक महीने में निगेटिव रिटर्न दिया है.

क्या अभी गोल्ड ETF खरीदना फायदेमंद है?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड ETF में गिरावट की मुख्य वजह सोने की कीमतों में कमजोरी है. ये फंड घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को ट्रैक करते हैं. सितंबर में सोने में तेज गिरावट आई थी और इसके बाद से कीमतों पर दबाव बना हुआ है. MCX पर सोने के वायदा भाव के लिए 1,36,500 रुपए का स्तर तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है. हालांकि, गिरावट के बीच भी गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा है. सितंबर में इनमें 4,451 करोड़ रुपए का निवेश आया, जो सात महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा था. अक्टूबर के शुरुआती 15 दिन में भी करीब 1,722 करोड़ रुपए का निवेश आया. जनवरी से सितंबर 2026 के बीच कुल निवेश करीब 45,925 करोड़ रुपए रहा, जो पूरे 2025 के निवेश से ज्यादा है. ऐसे में मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका हो सकती है.

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