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​दिवाली की एक्साइटमेंट न पड़ जाए भारी! आंखों की सेफ्टी से लेकर ये बातें जरूर रखें ध्यान

दिवाली डेकोरेशन में लाइट्स की झालर लगाई जाती हैं. इस दौरान हर एक चीज का बारीकी से ध्यान रखें. जैसे झालरों को कनेक्ट करने के लिए जो भी तार यूज किया है उसे अच्छी तरह चेक कर लें कि इसमें कोई कट न हो. लाइट्स को इतनी ऊंचाई पर रखें कि ये बच्चों की पहुंच से दूर रहे. ओवरलोडिंग से बचना बहुत जरूरी है.

​दिवाली की एक्साइटमेंट न पड़ जाए भारी! आंखों की सेफ्टी से लेकर ये बातें जरूर रखें ध्यान

शाम को पूजन के बाद दीये और मोमबत्ती जलाने के बाद दिवाली की असली रौनक आती है. पूरा घर जगमग हो जाता है, लेकिन इसी टाइम सभी को पटाखे जलाने की भी जल्दी रहती है. इस एक्साइटमेंट में मोमबत्तियां और दीपक जलाते हुए ध्यान रखें कि ये पर्दों, कपड़ों के आसपास या किसी भी ऐसी चीज के पास न हो जहां पर आग पकड़ने की संभावना रहे.

दिवाली पर खासकर फुलझड़ी को लोग काफी सेफ मानते हैं, लेकिन इसे जलाते वक्त हाथ आग के ज्यादा करीब रहते हैं. बच्चों को अकेला न छोड़ें इस दौरान और फुलझड़ी से निकलने वाला धुआं सीधे आंखों के संपर्क में आता है. ऐसे में सतर्कता बरतना जरूरी है. अगर हो सके तो चश्मा पहनें. हल्की सी चिंगारी भी आपकी आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है.

पटाखे जलाते समय हमेशा उचित दूरी बनाए रखना चाहिए. अनार बम जलाते हुए अक्सर लोग वहीं पास खड़े हो जाते हैं, लेकिन कई बार ये अचानक फट सकता है. सिंथेटिक की बजाय इस दिन सूती कपड़े पहनें, क्योंकि ये शरीर पर चिपकते नहीं हैं. जिस जगह पटाखे जला रहे हैं, वहां से बच्चों को हमेशा उचित दूरी पर ही रखें.

त्योहार की खुशियों और एक्साइटमेंट के बीच अपने घर के पालतू जानवरों को बिल्कुल भी इग्नोर न करें. पटाखों की तेज आवाज या फिर बहुत ज्यादा रोशनी उन्हें परेशान कर सकती है. ऐसे में जरूरी है कि आप उन्हें किसी ऐसी जगह पर रखें, जहां वो आराम कर सकें और पटाखों की तेज आवाज न पहुंचे.

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