
आज यानी 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में गोचर करेंगे। जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं तब मेष संक्रांति मनाई जाती है। आज मेष संक्रांति के दिन त्रिपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस योग पर शुभ कार्यों को करना उत्तम माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में किए गए किसी भी शुभ कार्य, निवेश या दान का फल व्यक्ति को तीन गुना होकर वापस मिलता है। ऐसे में आज के दिन उन कार्यों को नहीं करना चाहिए जिसमें हानि हो। तो आइए जानते हैं कि त्रिपुष्कर योग के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
त्रिपुष्कर योग में क्या करना चाहिए?
त्रिपुष्कर योग में सोना खरीदना और निवेश करना अत्यंत ही फलदायी माना जाता है। इस योग में नई जमीन खरीदना भी अति उत्तम माना जाता है। ज्योतिषों के अनुसार, इस योग में खरीदी गई चल-अचल संपत्ति भविष्य में तीन गुना वृद्धि लाती है। नए व्यापार की शुरुआत के लिए भी आज का दिन बहुत शुभ रहेगा।
त्रिपुष्कर योग में क्या नहीं करना चाहिए।
- आज के दिन किसी से भी वाद-विवाद, लड़ाई-झगड़ा करने से बचें।
- आज अस्पताल या कोर्ट-कचहरी के कामों को टालें।
- आज किसी से पैसे उधार या कर्ज न लें। वरना इसे चुकाने में आपको 3 गुना अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है।
- आज किसी को पैसा उधार नहीं देना चाहिए। पैसा वापस आने की संभावना बहुत कम हो जाती है
- आज पुरानी चल-अचल संपत्ति (जैसे गाड़ी या जमीन) बेचना अच्छा नहीं माना जाता।
त्रिपुष्कर योग में इन चीजों का करें दान
- आज के दिन सत्तू, गुड़ और चने की दाल का दान करें। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी।
- गरीब और जरूरतमंदों बच्चों को किताबें दान करें।
- आज के दिन जल से भर मिट्टी का घड़ा दान करें। विष्णु जी के साथ ही सूर्य देव की भी विशेष कृपा प्राप्त होगी।
- आज के दिन अन्न का दान करना भी अत्यंत ही पुण्यकारी माना गया है।
त्रिपुष्कर योग कब से कब तक रहेगा?
पंचांग के अनुसार, त्रिपुष्कर योग का आरंभ 14 अप्रैल को शाम 4 बजकर 6 मिनट पर होगा। त्रिपुष्कर योग का समापन 14 अप्रैल को देर रात 12 बजकर 12 मिनट पर होगा। बता दें कि जब रविवार, मंगलवार या शनिवार को विशेष तिथियां (जैसे द्वादशी) और नक्षत्र (जैसे पुनर्वसु, उत्तराफाल्गुनी) मिलते हैं, तब त्रिपुष्कर योग योग बनता है। इसमें किया गया कोई भी काम तीन गुना अधिक फल देता है।


