एक नवजात के धड़ से अलग होकर सिर प्रसूता के गर्भाशय में फंस गया। बस्ती मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसे बाहर निकाला। बीते 8 अप्रैल को हुई इस घटना में प्रसूता के परिजनों ने कलवारी थाने में तहरीर दी है। मामला सुर्खियों में है। प्रसूता की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

यूपी के बस्ती से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एंबुलेंस में प्रसव के दौरान नवजात के धड़ से अलग होकर सिर प्रसूता के गर्भाशय में फंस गया। हालत बिगड़ने पर आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया। जहां मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसे बाहर निकाला। बीते 8 अप्रैल को हुई इस घटना में प्रसूता के परिजनों ने कलवारी थाने में तहरीर दी है। फिलहाल प्रसूता की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, ये मामला सुर्खियों में है।
कलवारी थाना क्षेत्र स्थित मुरादपुर गांव के रहने वाले नीरज की पत्नी प्रेमा देवी गर्भवती थीं। सात माह का गर्भ था। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें 8 अप्रैल की सुबह एंबुलेंस से बनरहा सीएचसी पर पहुंचाया। आरोप है कि एएनएम ने बिना किसी जांच के गर्भवती को दर्द का इंजेक्शन लगा दिया। एंबुलेंस में ही प्रसव कराने का प्रयास किया। उसने नवजात का पैर खींचा जिससे उसका सिर और धड़ अलग हो गया। सिर गर्भाशय में ही फंस गया। एएनएम और अन्य स्टाफ घबरा गए और महिला को रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर एक निजी अस्पताल गए लेकिन स्थिति गंभीर देख मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। मेडिकल कॉलेज चिकित्सकों ने तत्परता दिखाई और प्रसूता की जान बचाई। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कल्पना मिश्रा ने जांच कराई। नवजात का सिर गर्भाशय में ही फंसे होने की जानकारी होने पर डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन कर उसे बाहर निकाला।
प्रसूता के ससुर दुर्गा प्रसाद ने यह आरोप लगाते हुए कलवारी थाने में तहरीर दी। उन्होंने सीएचसी की एएनएम कुसुम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। दुर्गा प्रसाद ने आरोप लगाया है कि एएनएम की गलती से बच्चा दो टुकड़े हो गया। इस बाबत थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि सूचना मिली है। मामले की जांच की जा रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी कुदरहा डॉ. अश्वनी ने कहा कि गर्भवती को लेकर लोग एंबुलेंस से पहुंचे थे। नवजात का पैर बाहर आ चुका था। हालत गंभीर देखकर गर्भवती को हॉयर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया था। सीएचसी में प्रसव नहीं कराया गया है
