यूपी के कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार किया गया है। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन गर्लफ्रेंड से बातचीत ने उसको पुलिस के हत्थे चढ़ा दिया।

कानपुर शहर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में फरार मास्टरमाइंड रोहित तिवारी एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं था, बल्कि वह 12वीं पास वार्ड बॉय निकला। पुलिस ने रोहित तिवारी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। रोहित अपनी गर्लफ्रेंड और दिल्ली के नर्सिंग होम संचालक से वॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए जुड़ा हुआ था। उसकी यही गलती भारी पड़ गई। पुलिस पहले उसकी गर्लफ्रेंड और नर्सिंग होम संचालक तक पहुंची। गर्लफ्रेंड से रोहित तिवारी के बारे में जानकारी मिल गई। मास्टरमाइंड रोहित तिवारी सोमवार को कल्याणपुर के इंदिरानगर में स्थित अधिवक्ता के घर जाने की तैयारी कर रहा था, तभी पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया।



