आगरा में एक 17 वर्षीय किशोरी ने प्रेम जाल में फंसने और धोखे का शिकार होने के बाद यमुना नदी में छलांग लगा दी. पिता अपनी बेटी को बचाने के लिए पुल पर पहुंचे ही थे कि उनकी आंखों के सामने ही उनकी लाडली मौत की आगोश में समा गई.
)
Satya Report: उत्तर प्रदेश के आगरा में के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 17 वर्षीय किशोरी ने प्रेम जाल में फंसने और धोखे का शिकार होने के बाद यमुना नदी में छलांग लगा दी. पिता अपनी बेटी को बचाने के लिए पुल पर पहुंचे ही थे कि उनकी आंखों के सामने ही उनकी लाडली मौत की आगोश में समा गई. पुलिस अब गोताखोरों की मदद से युवती की तलाश कर रही है.
दरअसल, पीड़ित पिता के अनुसार, पड़ोस में रहने वाला मनीष नामक युवक उनकी नाबालिग बेटी पर काफी समय से डोरे डाल रहा था. आरोपित युवक न केवल शादीशुदा है, बल्कि दो बच्चों का पिता भी है. आरोप है कि मनीष ने किशोरी को अपने जाल में फंसाने के लिए साजिशन उसका आधार कार्ड बनवाया, जिसमें उसकी वास्तविक उम्र 17 वर्ष के स्थान पर 21 वर्ष दर्ज करा दी गई, ताकि कानूनी बाधाओं से बचा जा सके. .
पिता की आंखों के सामने यमुना में कूदी
बता दें कि बेटी की बात सुनकर घबराए पिता उसे ढूंढते हुए स्ट्रेची ब्रिज (यमुना पुल) पहुंचे. वहां उन्हें उनकी बेटी खड़ी दिखाई दी. पिता उसे रोक पाते, उससे पहले ही युवती ने पिता के सामने ही उफनती यमुना में छलांग लगा दी. बेबस पिता अपनी बेटी को लहरों में खोते हुए देखते रह गए. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों व स्टीमर की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन बुधवार शाम तक युवती का सुराग नहीं लग सका.
आरोपित हिरासत में, पहले भी कर चुका है ऐसी हरकत
परिजनों ने बताया कि आरोपित मनीष शातिर किस्म का है. वह वर्ष 2024 में भी किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था, जिसके बाद वह किसी तरह घर वापस लौटी थी. पिता का आरोप है कि मनीष ने ही उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाया है.
पुलिस की कार्रवाई
इंस्पेक्टर एत्माद्दौला, देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि पिता की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है. आरोपित युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने युवती को कूदते हुए नहीं देखा है, फिर भी यमुना में सघन तलाशी अभियान जारी है. साक्ष्यों के आधार पर मामले में दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं



