
Satya Report: बढ़ता हुआ बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) हृदय रोगों का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। खराब कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में जहां दवाइयां काफी हद तक मदद करती हैं, वहीं हमारी प्रकृति में कुछ ऐसे औषधीय पत्ते मौजूद हैं जो धमनियों की सफाई और दिल की मजबूती के लिए मददगार (Supportive) भूमिका निभा सकते हैं। आयुर्वेद और आधुनिक विशेषज्ञों के अनुसार लेट्यूस, पालक, अरुगुला (तारामीरा) और केल जैसे सलाद के पत्ते फाइबर से भरपूर होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इन पत्तों का सेवन लिपिड प्रोफाइल में सुधार कर सकता हैं।
एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ बिमल झांजेर के मुताबिक आज के समय में दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, और इसकी बड़ी वजह खराब खानपान और लाइफस्टाइल है। ऐसे में अगर आप अपने हार्ट को हेल्दी रखना चाहते हैं तो रोजाना खाने से पहले सलाद के पत्तों को डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद हो सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हरी पत्तेदार सब्जियां दिल की सेहत को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। आइए जानते हैं कि ये चार तरह के पत्ते कैसे आपके दिल की सेहत का ध्यान रखते हैं।
कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार
लेट्यूस, पालक, धनिया, अरुगुला (तारामीरा), मूली, गाजर और केल जैसे हरी पत्तेदार सब्जियों का नियमित सेवन दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। ये पत्ते सिर्फ सलाद का स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं, जो हार्ट डिजीज के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। दरअसल, इन पत्तों में घुलनशील (Soluble) और अघुलनशील (Insoluble) दोनों तरह का फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। खासतौर पर घुलनशील फाइबर खून में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। यह फाइबर पाचन तंत्र में जाकर LDL कणों से चिपक जाता है और उन्हें शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। इससे खून की नलियों यानी आर्टरीज में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं हो पाता और ब्लॉकेज का खतरा कम होता है।
इसके अलावा, ये पत्तेदार सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर होती हैं। ये तत्व शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करते हैं और आर्टरीज की अंदरूनी परत को नुकसान से बचाते हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हार्ट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। हरी पत्तियों में पोटेशियम और मैग्नीशियम भी अच्छी मात्रा में होता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। ये पत्ते मिनरल्स ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करते हैं, जिससे हाई बीपी का खतरा कम होता है और यही हार्ट अटैक व स्ट्रोक के रिस्क घटता है।
इतना ही नहीं, पालक और अरुगुला जैसे पत्तों में नेचुरल नाइट्रेट्स होते हैं, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड में बदलते हैं। यह तत्व ब्लड वेसल्स को चौड़ा करते है, जिससे खून का प्रवाह बेहतर होता है और दिल को कम मेहनत करनी पड़ती है। वजन कंट्रोल करने में भी ये पत्ते मददगार हैं, क्योंकि इनमें कैलोरी बहुत कम और फाइबर ज्यादा होता है। इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचाव होता है। साथ ही ये ब्लड शुगर लेवल को भी स्थिर रखने में मदद करते हैं, जो हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी है। इसलिए, अगर आप अपने दिल को लंबे समय तक हेल्दी रखना चाहते हैं, तो रोजाना खाने से पहले या साथ में इन हरी पत्तेदार सब्जियों को सलाद के रूप में जरूर शामिल करें।
सलाद के पत्ते कैसे सेहत के लिए असरदार है?
लेट्यूस, पालक, धनिया, अरुगुला, मूली, गाजर और केल जैसे हरी पत्तेदार सब्जियों के पत्तों में पोटैशियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करके हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। इन पत्तों का सेवन करने से सूजन कंट्रोल रहती है और दिल की सेहत में सुधार होता है। हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन C, बीटा कैरोटीन और फ्लेवोनॉयड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आर्टरी की सूजन कम करके दिल को सुरक्षित रखते हैं। .
पालक और अरुगुला जैसे पत्तों में नेचुरल नाइट्रेट्स होते हैं, जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाकर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करते हैं और दिल पर दबाव कम करते हैं। इन पत्तों का सेवन करने से वजन घटाने में भी मदद मिलती है। सलाद के पत्तों में कैलोरी बहुत कम होती है और यह पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं, जिससे ओवरईटिंग से बचाव होता है और वजन कंट्रोल में रहता है।
कैसे करें इन सलाद के पत्तों का सेवन?
- हर मील से पहले सलाद के रूप में खाएं। आप इन पत्तों पर नींबू और थोड़ा सा नमक डालकर सेवन करें।
- ज्यादा मसाले या हैवी ड्रेसिंग से बचें
- पत्ते हमेशा ताजे और अच्छी तरह धोकर खाएं
ध्यान रखने वाली बातें
जिन लोगों को ब्लड थिनर दवाइयां दी जा रही हैं, उन्हें ज्यादा मात्रा में पालक या केल खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सलाद में नट्स और सीड्स ज्यादा मात्रा में न मिलाएं, क्योंकि इनमें ऑयल ज्यादा होता है
डिस्क्लेमर
यह जानकारी सामान्य सलाह के रूप में दी गई है। कोलेस्ट्रॉल एक गंभीर स्थिति है, इसलिए इन पत्तों का सेवन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें और अपनी नियमित दवाओं को बिना डॉक्टरी परामर्श के न छोड़ें।



