Satya Report: देश के कई राज्यों में गर्मी का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ता है. तेज गर्मी के कारण बच्चों में डिहाइड्रेशन, कमजोरी, चक्कर आना, उल्टी-दस्त और सुस्ती जैसी समस्याएं हो सकती हैं. बच्चों का शरीर बड़ों की तुलना में जल्दी पानी की कमी का शिकार हो जाता है, इसलिए उन्हें खास देखभाल की जरूरत होती है. ऐसी स्थिति में ओआरएस यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन बेहद फायदेमंद साबित होता है, क्योंकि यह शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी को पूरा करने में मदद करता है.

ओआरएस बच्चों को से बचाने का एक आसान और असरदार तरीका माना जाता है. खासकर जब बच्चा बार-बार उल्टी या दस्त से परेशान हो, तब इसकी जरूरत और बढ़ जाती है. इसलिए माता-पिता को इसके महत्व को समझना चाहिए और समय रहते सही कदम उठाना चाहिए. आइए जानते हैं कि बच्चों को ओआरएस कब देना चाहिए और इसे घर पर सही तरीके से कैसे बनाया जाए.
बच्चों को ओआरएस कब देना चाहिए?
आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि बच्चों को ओआरएस तब देना चाहिए जब उनके शरीर में पानी की कमी होने के संकेत दिखाई देने लगें, जैसे अगर बच्चा बार-बार उल्टी कर रहा हो, दस्त हो रहे हों या बहुत ज्यादा पसीना आ रहा हो, तो शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स तेजी से बाहर निकल जाते हैं. ऐसे में ओआरएस देना फायदेमंद होता है.
इसके अलावा, अगर बच्चा सुस्त दिखे, बार-बार प्यास लगे या मुंह सूखा लगे, तो यह भी डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं. गर्मियों में बाहर खेलने के बाद या तेज धूप में रहने के बाद भी बच्चों को ओआरएस दिया जा सकता है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. हालांकि, ओआरएस देने से पहले बच्चे की स्थिति को समझना जरूरी है और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना भी बेहतर होता है. .
ओआरएस को घर पर कैसे बनाएं?
ओआरएस को घर पर बनाना काफी आसान है. इसके लिए एक लीटर साफ उबला और ठंडा किया हुआ पानी लें. इसमें 6 चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक मिलाएं और अच्छी तरह घोल लें. ध्यान रखें कि चीनी और नमक की मात्रा सही हो, क्योंकि ज्यादा या कम मात्रा नुकसानदायक हो सकती है.
तैयार घोल को दिनभर के अंदर ही इस्तेमाल कर लें और इसे ताजा ही पिलाएं. घर का बना ओआरएस शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी को पूरा करने में मदद करता है और बच्चों को जल्दी राहत देता है.
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गर्मी के मौसम में बच्चों का खास ध्यान रखना जरूरी है. उन्हें ज्यादा देर तक धूप में खेलने से बचाएं और समय-समय पर पानी पिलाते रहें. हल्का और पौष्टिक भोजन दें, ताकि उनकी एनर्जी बनी रहे. बच्चों के कपड़े हल्के और आरामदायक रखें. अगर बच्चा ज्यादा सुस्त लगे या बार-बार उल्टी-दस्त हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. समय पर ध्यान देने से बड़ी समस्या से बचा जा सकता है.



