Satya Report: पंजाब में बेअदबी की घटनाओं पर सख्त कानून की मांग कर रहे गुरजीत सिंह खालसा ने शुक्रवार को अपने विरोध-प्रदर्शन खत्म कर दिया. वह बीते 560 दिनों से पटियाला में स्थित 400 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठे थे. सरकार की तरफ से विशेष सत्र बुलाकर गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ संशोधित कानून जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को हाल ही में अधिसूचित कर दिया है, जिसमें सख्त सजा का प्रावधान है.

जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2024 को गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने की मांग करते हुए गुरजीत सिंह खालसा पटियाला के पास समाना में 400 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया था. प्रशासन ने उन्हें उतारने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह किसी की भी बात मानने को तैयार नहीं थे. करीब 560 दिनों तक चले इस प्रदर्शन के बाद सेना की मदद से खालसा को टावर से नीचे सुरक्षित उतारा गया. .
खालसा ने खत्म किया प्रदर्शन
इसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल जांच के लिए एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया. इस बीच उनके समर्थक ने उन पर फूल बरसाए और इस दौरान खालसा ‘सिख जयकारा’ और ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारे लगाते रहे. इस दौरान सभी लोग काफी खुश नजर आए. पंजाब सरकार की तरफ से गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने पर ही खालसा ने नीचे ने उतरने का फैसला लिया.
स्पेशल सत्र में पास हुआ था विधेयक
बता दें कि 13 अप्रैल को पंजाब सरकार विधानसभा में स्पेशल सत्र बुलाकर गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने को लेकर विधेयक लेकर आई थी, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया था. बाद में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी, जिसके बाद अब यह कानून बन गया. संशोधित कानून जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने समेत कठोर दंड का प्रावधान है.



