आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद के पार्टी छोड़ने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और सांसद सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने भी बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. मान ने कहा कि भाजपा जिससे भी विलय करती है, उसे निगल जाती है. उन्होंने कहा कि ऐसे गद्दारों के जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. पंजाब में जनता के बीच भाजपा का कोई आधार नहीं. पंजाब की जनता का प्यार किसी भी कीमत से नहीं खरीदा जा सकता.

ने कहा कि पार्टी बड़ी है, संगठन बड़ा होता है, व्यक्ति नहीं. इन्हें किसी से वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ी. अब ये लोग अपने राजनीतिक हितों के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए वहां गए हैं. लेकिन वहां भी उनका कुछ नहीं होगा. इस्तेमाल किया जाएगा और फिर उन्हें छोड़ दिया जाएगा.
जनता में उनका कोई आधार नहीं- मान
मुख्यमंत्री मान ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कप्तान अमरिंदर सिंह और मनप्रीत बादल जैसे बड़े चेहरों का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि कुछ तकलीफ तो हुई लेकिन इनके जाने से कोई फर्क नहीं होगा. जनता में उनका कोई आधार नहीं है. उनका कोई वोट बैंक नहीं.
लोकतंत्र का गला घोंटने का मॉडल-मीत हेयर
वहीं आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा पूरे देश में लोकतंत्र का गला घोंटने का एक ही मॉडल अपना रही है. चुनाव आते ही भाजपा अपनी हार के डर से विपक्षी नेताओं को ईडी और सीबीआई के जरिए डराना शुरू कर देती है या लालच देकर अपनी पार्टी में शामिल कर लेती है.
सांसद मीत हेयर ने इस सिलसिले में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, दिवंगत अजीत पवार, रवनीत बिट्टू, ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि का उदाहरण दिये. मीत हेयर ने कहा कि जिस राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय पहचान दी, उसी का पार्टी का साथ छोड़ देना नैतिकता के खिलाफ है.



