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बिहार के 11 जिलों में बसने जा रही टाउनशिप, जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक; यहां जानें पूरा मास्टर प्लान

Purnia News: बिहार सरकार ‘ग्रीन फील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ का निर्माण करने जा रही है. इसी को लेकर पूर्णिया सहित बिहार के 11 जिलों में जमीन की खरीद-बिक्री पर एक साल तक के लिए रोक लगा दी गई है. इन जिलों में बनने वाले टाउनशिप की अब चौहद्दी सामने आई है, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली. बता दें कि जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक की खबर से लोग कंफ्यूज हो गए थे. लोग यह जानना चाहते थे कि आखिर किस एरिया की जमीन पर रोक लगी है?

बिहार के 11 जिलों में बसने जा रही टाउनशिप, जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक; यहां जानें पूरा मास्टर प्लान
बिहार के 11 जिलों में बसने जा रही टाउनशिप, जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक; यहां जानें पूरा मास्टर प्लान

अगर पूर्णिया की बात करें तो यहां 27,374 एकड़ में टाउनशिप का निर्माण होगा. जिसका कुछ भाग पूर्णिया पूर्व प्रखंड में है और ज्यादातर के.नगर प्रखंड में है. इसका कोर क्षेत्रफल 1374 एकड़ और विशेष क्षेत्रफल 26 हजार एकड़ होगा. इसके उत्तर में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे, दक्षिण में गंगैली पंचायत, पूरब में कारी कोसी नदी और पश्चिम में रहुआ पंचायत शामिल है. कृत्यानंद नगर और पूर्णिया पूर्व के 49 गांव इस टाउनशिप के अंतर्गत आएंगे.

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह विकसित किया जाएगा

पूर्णिया में बनने वाली टाउनशिप को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह विकसित किया जाएगा, जिसके अंदर कई दार्शनिक स्थल, पर्यटन स्थल भी होंगे. हरदा के माता कामाख्या मंदिर को ‘कामाख्या कॉरिडोर’ से जोड़कर धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा. सरकार ने इसे राजकीय महोत्सव का दर्जा भी दिया है. यहां के आधारभूत संरचना और कनेक्टिविटी में सुधार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाया जा सके और पर्यटन को बढ़ावा मिले.

टाउनशिप में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?

इसके अलावा टाउनशिप के अंदर के.नगर स्थित ऐतिहासिक काझा कोठी को दिल्ली हाट और मिथिला हाट की तर्ज पर एक प्रमुख इको-टूरिज्म और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा. करीब ₹14-15 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पार्क में बोटिंग, कैफेटेरिया, म्यूजिकल फाउंटेन और एडवेंचर एक्टिविटी जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएगी.

यहां बनने वाले टाउनशिप को पंचायत से अलग कर एक ऑर्थोरिटी का निर्माण किया जाएगा, जो यहां के विकास कार्यों को देखेगी. टाउनशिप में 2 लेन सड़क के अलावा प्रमुख चौक-चौराहों को बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया जाएगा. यहां नाला, वाटर ड्रैनेज और बिजली का नई टेक्नोलॉजी से कार्य किया जाएगा. इसके अलावा शॉपिंग मॉल, कई छोटे-छोटे पार्क और स्टेडियम, अस्पताल का भी निर्माण होगा.

टाउनशिप के पास से गुजर रहा पटना-पूर्णियां ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे

बता दें कि के.नगर में बनने वाली इस टाउनशिप में पूर्व में ही एयरपोर्ट का निर्माण हो चुका है, जहां से रोजाना कई राज्यों के लिए विमान नियमित उड़ान भर रहे हैं. इस टाउनशिप के पास से ही पटना-पूर्णियां ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है. टाउनशिप का जुड़ाव पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के अलावा पूर्णियां-खगड़िया एनएच-31 से भी होगा. टाउनशिप से एयरपोर्ट की दूरी 1 किमी, पूर्णिया के प्रमुख रेलवे स्टेशन, पूर्णिया कोर्ट और पूर्णिया जंक्शन की दूरी 8 किलोमीटर होगी. आने वाले भविष्य में धमदाहा भी एक प्रमुख रेलवे स्टेशन होगा, जो कुरसेला-बिहारीगंज रेलखंड का मुख्य रेलवे स्टेशन होगा.

प्रधान सचिव विनय कुमार ने दी जानकारी

बिहार सरकार ने सैटेलाइट टाउनशिप की रूपरेखा तैयार कर ली है. नगर विकास आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और नए निर्माण पर रोक का आदेश जारी कर दिया है. इसके अनुसार, टाउनशिप क्षेत्रों में यह पाबंदी तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं हो जाता है.

पूर्णिया जिला अवर निबंधक उमाशंकर मिश्र ने बताया कि संपूर्ण जिला इस रोक के दायरे में नहीं आता है. अन्य जगहों पर पूर्व की भांति खरीद-बिक्री की जा सकती है. उन्होंने बताया कि ‘ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप’ अंतर्गत मास्टर प्लान विकसित किया जाना है. निश्चित रूप से सरकार आधारभूत ढांचा के क्षेत्र में व्यापक उपलब्धि हासिल करने की दिशा में प्रयासरत है.

इन क्षेत्रों का होगा विकास

पूर्णिया पूर्व और के.नगर के जिन क्षेत्रों में ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप विकसित की जाएगी, उनमें परोरा, गुआसी, देवीनगर, बनभाग, सतकदोरिया, गनेशपुर, सौसा, काझा, बिठनौली खेमचंद, गंगेली, बहादुरपुर हरदा, रहुआ, ठहरा, सिसवा, कबैया, सतकदोरिया, जोतालखाय, पिरगंज, अलीनगर, मिर्जाभाग शामिल हैं.

वहीं मौजा की लिस्ट जारी होने से यहां के किसानों पर बड़ी आफत आ गई है. जिस जमीन पर ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप बनने वाली है, वह खेतिहर जमीन है. यहां के किसानों की मुख्य आय खेती ही है. वहीं जमीन खरीद-बिक्री बंद होने से बच्चियों के शादी-विवाह पर भी असर पड़ेगा. गरीब ग्रामीण अपनी जमीन बेचकर लड़कियों की शादी या इलाज कराते हैं.

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