Bihar

अररिया टू लातूर का सफर, एक फोन कॉल और कटनी में ट्रेन से उतार लिए गए 163 बच्चे… 12 दिन बाद सच आया सामने

Satya Report: Bhopal News: 11 अप्रैल को मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर पटना-पूर्णा एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर-17609) रुकती है. इस ट्रेन में 163 मुस्लिम बच्चे बिहार से महाराष्ट्र जा रहे थे. इन बच्चों की उम्र महज 5 से 13 वर्ष थी. इसी दौरान RPF के पास एक कॉल आया, जिसमें ये कहा गया कि इन बच्चों की मानव तस्करी हो रही है. इस कॉल के आधार पर RPF, GRP और बाल कल्याण समिति (CWC) ने सभी 163 बच्चों और 8 शिक्षकों को ट्रेन से उतार लिया.

अररिया टू लातूर का सफर, एक फोन कॉल और कटनी में ट्रेन से उतार लिए गए 163 बच्चे… 12 दिन बाद सच आया सामने
अररिया टू लातूर का सफर, एक फोन कॉल और कटनी में ट्रेन से उतार लिए गए 163 बच्चे… 12 दिन बाद सच आया सामने

11 अप्रैल से लेकर 22 अप्रैल तक इन बच्चों को बाल आश्रम में रखा गया. 8 शिक्षकों पर मानव तस्करी का मामला दर्ज किया गया और फिर जांच करने के बाद सभी को छोड़ दिया गया. बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक अंजान फोन कॉल पर पुलिस कैसे किसी पर मानव तस्करी का मामला दर्ज कर सकती है? कांग्रेस ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. अब आप सिलसिलेवार इस घटना को समझिए…

11 अप्रैल: 163 मुस्लिम बच्चों को ट्रेन से उतारा गया

11 अप्रैल को RPF और GRP को सूचना मिली थी कि ट्रेन के स्लीपर और जनरल कोच में कई छोटे बच्चों को समूह में ले जाया जा रहा है. इसके बाद कटनी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर ट्रेन रुकते ही कार्रवाई की गई. करीब 163-167 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर RPF थाने लाया गया.

शुरुआती जांच में सामने आया कि ये बच्चे बिहार के अररिया जिले से महाराष्ट्र के लातूर स्थित मदरसे में पढ़ाई के लिए ले जाए जा रहे थे. CWC ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और बच्चों के साथ मौजूद 8 लोगों से पूछताछ की गई. इसी रात कटनी के बाल आश्रय गृह में 80 बच्चों को रखा गया और आधे बच्चों को जबलपुर में रखा गया.

12-13 अप्रैल: सभी शिक्षकों से पूछताछ

8 शिक्षक जो कि इन बच्चों को मदरसे में पढ़ाने के लिए ले जा रहे थे, बाल कल्याण समिति ने इन सभी शिक्षकों से पूछताछ की. 14 अप्रैल को CWC की शिकायत पर GRP ने मामला दर्ज किया. 8 शिक्षकों पर मानव तस्करी का आरोप लगा और मामला दर्ज किया गया.

15 अप्रैल: बच्चों के माता-पिता बिहार से कटनी पहुंचे

15 अप्रैल तक बच्चों के माता-पिता कटनी पहुंचे. पुलिस ने सभी के आधार कार्ड चेक किए. माता-पिता से भी पूछताछ हुई. जैसे-जैसे वेरिफिकेशन होता गया, वैसे-वैसे बच्चों को माता-पिता से मिलवाते गए. इसमें से ज्यादातर लोग बेहद गरीब थे. उन्हें बिहार से मध्य प्रदेश तक आने में ही काफी मुश्किल हुई. वो लोग बेहद परेशान हुए.

18-23 अप्रैल: MP पुलिस ने बिहार से वेरिफिकेशन करवाया

इस बीच कटनी में जांच चल रही थी. वहीं सूचना मिलते ही बिहार पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी. वहां का बाल आयोग भी एक्टिव हुआ. 163 बच्चों के वेरिफिकेशन की रिपोर्ट CWC कटनी को भेजी गई. 23 अप्रैल को सभी बच्चों को वापस बिहार भेज दिया गया. जांच रिपोर्ट से RPF, GRP और CWC संतुष्ट हुए. बच्चों को स्पेशल बोगी लगाकर बिहार भेजा गया. वहीं 8 शिक्षकों को भी छोड़ दिया गया. यही नहीं शिक्षकों पर से मानव तस्करी का मामला भी हटा दिया गया. .

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