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जिम सप्लीमेंट के नाम पर जहर! NADA की टिप से नजफगढ़ में पकड़ा गया बैन स्टेरॉयड का जखीरा

Satya Report: जिम में बॉडी बनाने के नाम पर बिक रहे सप्लीमेंट्स का काला सच फिर सामने आ गया है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी की सटीक सूचना पर दिल्ली के नजफगढ़ में हुई संयुक्त छापेमारी में बैन स्टेरॉयड और डोपिंग ड्रग्स का जखीरा पकड़ा गया है। कार्रवाई में हजारों टैबलेट, कैप्सूल और इंजेक्शन बरामद हुए। इनका इस्तेमाल मसल्स बढ़ाने और प्रदर्शन सुधारने के लिए किया जाता है, लेकिन ये खिलाड़ियों की सेहत और खेल दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं।

जिम सप्लीमेंट के नाम पर जहर! NADA की टिप से नजफगढ़ में पकड़ा गया बैन स्टेरॉयड का जखीरा
जिम सप्लीमेंट के नाम पर जहर! NADA की टिप से नजफगढ़ में पकड़ा गया बैन स्टेरॉयड का जखीरा

इस छापेमारी में सिर्फ प्रतिबंधित पदार्थ ही नहीं, बल्कि एक्सपायर्ड जिम सप्लीमेंट्स भी मिले, जिससे साफ होता है कि फिटनेस के नाम पर कैसे लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। नाडा , FSSAI और स्थानीय प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई ने दिल्ली में चल रहे एक बड़े डोपिंग नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।

नाडा की इंटेलिजेंस और इन्वेस्टिगेशन यूनिट से मिली टिप के आधार पर स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में जो प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किये गए, उसमें मेथेनोलोन और स्टैनोजोलोल जैसे एनाबॉलिक स्टेरॉयड भी शामिल हैं। इस संयुक्त टास्क फोर्स का नेतृत्व सेंट्रल फूड सेफ्टी ऑफिसर्स ने किया। इसमें भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल थे।

गौरव वत्स न्यूट्रिशन परिसर में छापेमारी

छापेमारी में लगभग 2800 कैप्सूल/गोलियां और 11 इंजेक्शन वाली प्रतिबंधित चीजें बरामद की गईं। इनमें एनाबॉलिक स्टेरॉयड, मेथेनोलोन एनैन्थेट, ट्रेनबोलोन और स्टैनोजोलोल शामिल हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गौरव वत्स न्यूट्रिशन के परिसर से 300 मेथांडिएनोन और 850 ऑक्सांड्रोलोन गोलियों के साथसाथ 1500 सेलेक्टिव एंड्रोजन रिसेप्टर मॉड्यूलेटर कैप्सूल बरामद किए गए।

इस संस्था को गौरव वत्स नाम का एक व्यक्ति चलाता है। ये सभी चीजें विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी द्वारा प्रतिबंधित स्टेरॉयड हैं, क्योंकि इनका गलत इस्तेमाल मांसपेशियों का आकार बढ़ाने और खेल में गलत तरीके से बढ़त हासिल करने के लिए किया जा सकता है।

बरामद चीजों में एडेनोसिन मोनोफॉस्फेट के इंजेक्शन भी शामिल थे। यह एक प्रतिबंधित हार्मोन और मेटाबॉलिक मॉड्यूलेटर है, जो सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करता है। वाडा के अध्यक्ष विटोल्ड बांका ने कहा था कि भारत प्रतिबंधित परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली दवाओं का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है। वह हाल ही में इस वैश्विक संस्था के इंटेलिजेंस और जानकारी जुटाने के अभियानों पर एक कॉन्फ्रेंस के लिए भारत आए थे।

पुलिस ने बताया, ‘‘राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने इन दवाओं को अपनी हिरासत में ले लिया है और औपचारिक कानूनी कार्रवाई के लिए इनके सैंपल ले लिए हैं।’’ NADA के एक सूत्र ने बताया कि उन्हें एक ‘विश्वसनीय सूत्र’ से इन प्रतिबंधित पदार्थों की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिली थी। संस्था ने कहा कि इसके बाद उन्होंने इस मामले में एक लक्षित जांच शुरू की।

सूत्र ने बताया, ‘‘NADA द्वारा हासिल किए गए पदार्थों को जांच के लिए राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय भेजा गया था। प्रयोगशाला की जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि ये पदार्थ WADA द्वारा प्रतिबंधित थे। इसके अलावा इनमें अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की मिलावट भी पाई गई। यह गुणवत्ता, सुरक्षा और जानबूझकर की गई मिलावट को लेकर गंभीर चिंतायें पैदा करता है।’’

गैरकानूनी PEDs के अलावा, FSSAI के अधिकारियों ने नज़फगढ़ परिसर में बिना वैध फूड लाइसेंस के बेचे जा रहे हेल्थ सप्लीमेंट्स के संबंध में भी गंभीर उल्लंघन पाए। सूत्र ने बताया, ‘‘इस छापेमारी में 45 किलोग्राम एक्सपायर हो चुके गेनर्स और व्हे प्रोटीन बरामद हुए। इसके अलावा 85 किलोग्राम प्रोटीन और क्रिएटिन को जांच के लिए जब्त किया गया है। FSSAI ने खाद्य सुरक्षा मानकों, भंडारण और एक्सपायर हो चुके उत्पादों की बिक्री से जुड़े उल्लंघनों के लिए अलग से कार्रवाई शुरू कर दी है।’’

लक्ष्मी रतन शुक्ला ने 2022 में अरुण लाल की जगह सीनियर टीम की कोचिंग संभाली थी। उनके कार्यकाल में बंगाल ने रणजी ट्रॉफी में निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया, 202223 सत्र में उपविजेता रहा और 202526 सत्र में सेमीफाइनल तक पहुंचा।

contact.satyareport@gmail.com

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