Satya Report: संजय दत्त ने शुक्रवार को अपनी नई फिल्म ‘खलनायक रिटर्न्स’ की घोषणा कर फैंस को चौंका दिया। यह फिल्म 1993 में आई ब्लॉकबस्टर ‘खलनायक’ का सीक्वल है। अब दत्त ने बताया कि इस फिल्म का आइडिया उन्हें जेल में आया था और 4000 कैदियों की मदद से इसकी कहानी लिखी गई।

मुंबई में आयोजित पोस्टर लॉन्च इवेंट के दौरान संजय दत्त ने कहा कि पहली ‘खलनायक’ की सफलता में निर्देशक सुभाष घई का सबसे बड़ा योगदान रहा। उन्होंने उनकी जमकर तारीफ की और उन्हें एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का लेजेंड बताया।
इसी दौरान का विचार उन्हें उस समय आया था, जब वह जेल में थे। उनके इस खुलासे ने फैंस को और ज्यादा उत्साहित कर दिया है।
जेल में आया ‘खलनायक’ के सीक्वल का आइडिया
संजय दत्त ने कहा, “खलनायक की जर्नी बहुत लंबी रही है और सुभाष जी के बिना यह संभव नहीं हो पाती। वो एक लेजेंड हैं, एंटरटेनमेंट के बादशाह हैं और इस ‘खलनायक’ का हिस्सा रहेंगे।”
उन्होंने आगे बताया, “जेल में मैंने सब लोगों से पूछा कि कौन इसका सीक्वल देखना चाहेगा। करीब 4,000 कैदियों ने कहा कि वो सभी देखना चाहते हैं। फिर मैंने सबको कहा कि एकएक पेज पर नई ‘खलनायक’ की कहानी लिखो। उन 4,000 पन्नों को पढ़ने में मुझे काफी समय लगा।”
पैरोल पर बाहर आते ही सुभाष घई से की बात
संजय दत्त ने आगे कहा, “जब मैं पैरोल पर बाहर आया, तो मैंने सुभाष सर से कहा कि इसे पढ़िए। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह फिल्म बननी चाहिए।”अब ‘खलनायक रिटर्न्स’ के ऐलान के बाद फैंस बेसब्री से इस फिल्म का इंतजार कर रहे हैं।
सुभाष घई ने भी इस दौरान बताया कि ‘खलनायक रिटर्न्स’ संजू और मान्यता की गहरी चाहत और लंबे समय से इस कहानी को फिर से पर्दे पर लाने की इच्छा का नतीजा है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह फिल्म ओरिजिनल ‘खलनायक’ से भी बड़ी साबित होगी।



