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खराब खानपान और नींद की कमी बढ़ा रहीं कैंसर का खतरा, इन लक्षणों के दिखते ही करा लें टेस्ट

Satya Report: बीते कुछ सालों में दुनियाभर समेत भारत में भी कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. पुरुषों में लंग्स कैंसर और महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है. कैंसर होने का एक बड़ा कारण हमारी रोजाना की कई तरह की गलत आदतें भी हैं. डॉक्टर बताते हैं कि जेनेटिक मामलों को छोड़कर बाकी हर तरह के कैंसर से आसानी से बचाव किया जा सकता है, लेकिन बीते कुछ सालों में लोगों के खानपान से लेकर लाइफस्टाइल तक का पैटर्न बिगड़ रहा है जो कैंसर का कारण बन रहा है.

खराब खानपान और नींद की कमी बढ़ा रहीं कैंसर का खतरा, इन लक्षणों के दिखते ही करा लें टेस्ट
खराब खानपान और नींद की कमी बढ़ा रहीं कैंसर का खतरा, इन लक्षणों के दिखते ही करा लें टेस्ट

रोजाना की कई ऐसी आदतें हैं जिनसे लोग कैंसर का शिकार हो रहे है, किन कारणों से लोगों को कैंसर हो रहा है और इसके क्या शुरुआती लक्षण हैं. इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं. कैंसर हीलर सेंटर में मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ तरंग कृष्णा बताते हैं कि रोजाना की कई आदतें हैं जो कैंसर का खतरा बढ़ा देती हैं. तंबाकू और धूम्रपान कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से एक हैं. केवल धूम्रपान करने वाला ही नहीं, बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोग भी पैसिव स्मोकिंग के कारण खतरे में रहते हैं. मुंह, फेफड़ों और गले के कैंसर का सीधा संबंध तंबाकू से देखा गया है.

खानपान कैंसर का एक बड़ा कारण

डॉ तरंग कहते हैं कि आज के समय में लोगों को खानपान काफी बिगड़ गया है. खानपान का खराब होना कैंसर का एक बड़ा कारण है. लोग अब प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड खा रहे हैं. इन फूड में ज्यादा मात्रा में प्रिजर्वेटिव्स, केमिकल्स और चीनी होती है. जो शरीर की सेहत को बिगाड़ देती है. इसके अलावा बारबार तला हुआ और जला हुआ भोजन भी नुकसानदायक हो सकता है. अब लोगों में ऑनलाइन खाना मंगाने का चलन बढ़ गया है. इस तरह का खाना गर्म प्लास्टिक में रखा होता है. इसमें मौजूद हानिकारक केमिकल खाने के दौरान शरीर में जाते हैं जो कैंसर का कारण बनते हैं.

नींद की कमी भी बड़ी समस्या

नींद की कमी भी एक बड़ी समस्या बन चुकी है. देर रात तक स्क्रीन देखना और अनियमित दिनचर्या शरीर के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ देती है. शरीर को खुद को ठीक करने के लिए पर्याप्त नींद की जरूरत होती है. इसी तरह लगातार तनाव हमारी प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. शारीरिक गतिविधि की कमी और मोटापा भी कैंसर के जोखिम से जुड़े हैं. घंटों बैठकर काम करना, व्यायाम न करना और धूप से दूर रहना स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है. इसलिए रोजाना थोड़ी शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी है.

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

एक्शन कैंसर हॉस्पिटल दिल्ली में मेडिकल ऑंकोलॉजी और इम्यूनोथेरेपी विभाग में डॉ. जे बी शर्मा बताते हैं कि अगर लंबे समय से थकान, कमजोरी, किसी हिस्से में कोई गांठ है. लगातार शरीर में दर्द रहता है और बिना वजह वजन कम हो रहा है तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें. समय रहते डॉक्टर से सलाह लें

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